जयपुर

राजस्थान पंचायत व निकाय चुनाव: राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में बिना शर्त मांगी माफी

Rajasthan Panchayat Election : राजस्थान हाईकोर्ट की 15 अप्रेल की डेडलाइन पर पंचायत व स्थानीय निकायों के चुनाव न कराने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने बिना शर्त माफी मांग ली है।
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Updated: 26 May 2026, 7:55 PM IST
rajasthan high court
राजस्थान हाईकोर्ट। पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Panchayat Elections : जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की 15 अप्रेल की डेडलाइन पर पंचायत व स्थानीय निकायों के चुनाव न कराने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने बिना शर्त माफी मांग ली है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह व अन्य की ओर से कोर्ट को पेश जवाब में कहा गया कि उन्हें सरकार की ओर से जरूरी डेटा समय पर नहीं मिला, जिसके कारण चुनाव कराने में देरी हुई। इस देरी के लिए सीधे तौर पर आयोग जिम्मेदार नहीं है और न ही उन्होंने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है।

दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि सरकार और आयोग के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अब चुनाव कराने के लिए 31 जुलाई की नई समय सीमा तय कर दी है । ऐसे में यह अवमानना याचिका अब सारहीन हो चुकी है। इस पर न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल और न्यायाधीश अनिल उपमन की खंडपीठ ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा एवं अन्य की अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया ।

'सीमाएं तय करना सरकार का काम'

आयोग ने कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में स्पष्ट किया कि पंचायतों और नगर निकायों की सीमाएं, आरक्षण और वार्डों की अंतिम सूची तय करना सरकार का काम है। जब तक सरकार यह जानकारियां उपलब्ध नहीं कराती, तब तक आयोग चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकता। संविधान के अनुसार चुनाव करवाना आयोग का दायित्व है, लेकिन परिसीमन और सीमाएं तय करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है । यदि सरकार आवश्यक प्रक्रिया पूरी न करे, तो आयोग अकेले चुनाव नहीं करा सकता। आयोग ने समय सीमा बढ़ाने के लिए 15 अप्रेल को पहले ही अदालत में आवेदन दे दिया था, इसलिए इसे आदेश की अवहेलना नहीं कहा जा सकता।

हाईकोर्ट ने दिए थे अवमानना नोटिस

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर एक साथ फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को प्रदेश में 15 अप्रेल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही, सरकार को 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया था। इसकी पालना न होने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे।

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