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जयपुर। राजस्थान की 29 जिला परिषद, 327 पंचायत समिति और सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इसके अलावा शेष 12 जिला परिषद और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल वर्तमान साल में पूरा होगा। इसमें 5 सितंबर तक 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों, 29 अक्टूबर तक 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियां तथा 22 दिसंबर को 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल समाप्त होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर चुका है। नगरीय निकायों की सूचियों का कार्य दो चरणों में चल रहा है। पहले चरण में 196 निकायों की सूची का अंतिम प्रकाशन 22 अप्रेल और दूसरे चरण में 113 निकायों की सूची का अंतिम प्रकाशन 8 मई 2026 को कया जाएगा।
पंचायत-निकाय चुनावों में करीब 1.40 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। औसतन 5 उम्मीदवार प्रति वार्ड मानें तो लगभग 7 लाख लोग मैदान में होंगे। 309 निकायों और सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है. जबकि 142 पंचायत समिति और जिला परिषद का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक शेष है।
चुनाव को लेकर पिछले दिनों ही राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया था कि चुनाव कराने के लिए ओबीसी, एससी-एसटी तथा महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण निर्धारित करना राज्य सरकार का अधिकार है। इसके बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। राजस्थान पंचायती राज इलेक्शन रूल्स के नियम 5 और 6 में भी यह स्थिति स्पष्ट है।
बता दें कि राजस्थान में इसी साल पंचायत और निकाय चुनाव होने वाले है। लेकिन, स्थिति साफ नहीं है कि चुनाव की तारीखों का एलान कब होगा। प्रदेश के चुनाव टालने के मामले में हाईकोर्ट भी एतराज जता चुका है। हाईकोर्ट ने 15 अप्रेल 2026 तक चुनाव कराने के आदेश दिए, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। लेकिन, चुनाव आयोग अभी तक तारीखों का एलान नहीं कर पाया है। जबकि 15 अप्रेल की डेडलाइन नजदीक है। दरअसल, सियासी दांवपेच में चुनावी प्रक्रिया अटकी हुई है। ऐसे में 15 अप्रेल तक चुनाव कराने पर सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है।
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Updated on:
30 Mar 2026 08:43 am
Published on:
30 Mar 2026 08:43 am
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