Rajasthan IAS Transfer List: इस फेरबदल की सबसे खास बात 'डाबी सिस्टर्स' के नाम से मशहूर टीना डाबी और रिया डाबी को मिली नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
IAS Dabi Sisters Transfer: राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में मंगलवार देर रात एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। राज्य सरकार ने एक साथ 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादले कर ब्यूरोक्रेसी की तस्वीर बदल दी है। इस फेरबदल की सबसे खास बात 'डाबी सिस्टर्स' के नाम से मशहूर टीना डाबी और रिया डाबी को मिली नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। जहां टीना डाबी को टोंक जिले की कमान सौंपी गई है, वहीं उनकी छोटी बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी (ओएसडी) के पद पर तैनात किया गया है।
देश की सबसे चर्चित आईएएस अधिकारियों में शुमार टीना डाबी अब टोंक जिले की जिला कलक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं देंगी। टीना डाबी के लिए जिला कलक्टर के रूप में यह तीसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वे जैसलमेर जैसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले में अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवा चुकी हैं। टोंक को प्रशासनिक दृष्टि से एक संवेदनशील और राजनीतिक रूप से सक्रिय जिला माना जाता है। टीना डाबी की कार्यशैली और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी पिछली नियुक्तियों में उन्होंने मातृ मृत्यु दर कम करने और नवाचारों के माध्यम से सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफलता पाई थी।
टीना डाबी की छोटी बहन रिया डाबी को भी इस फेरबदल में बड़ी पदोन्नति मिली है। रिया डाबी को मुख्यमंत्री का विशेष अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया गया है। रिया अब तक उपखंड अधिकारी के रूप में क्षेत्रीय स्तर पर कार्य कर रही थीं, लेकिन अब वे सीधे सत्ता के केंद्र यानी मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़कर राज्य की नीतियों और प्रशासनिक समन्वय में भूमिका निभाएंगी। रिया डाबी भी अपनी बड़ी बहन की तरह ही कुशाग्र बुद्धि और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
इस सूची में केवल डाबी बहनें ही नहीं, बल्कि राजस्थान के 25 जिलों के कलक्टर बदले गए हैं। मुख्यमंत्री के सचिव और विशिष्ट सचिव स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं, जो यह संकेत देता है कि सरकार अपनी प्राथमिकताओं को लागू करने के लिए नई टीम के साथ आगे बढ़ना चाहती है। इन तबादलों के माध्यम से सरकार ने न केवल अनुभव को महत्व दिया है, बल्कि युवा अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर बैठाकर शासन में नई ऊर्जा फूंकने की कोशिश की है। डाबी बहनों की नई नियुक्तियां प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि दोनों ही अधिकारी अपनी विशिष्ट कार्यशैली और सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के कारण युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रही हैं।