जयपुर

राजस्थान में बजरी के अवैध खनन में ट्रैक्टर-ट्रॉली का बड़ा रोल, जानकर भी अनजान है पुलिस

Illegal Gravel Mining : राजस्थान में बजरी के अवैध खनन में ट्रैक्टर-ट्रॉली का है बड़ा रोल। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां माफिया की देखरेख में चलने के साथ ही स्थानीय नेताओं का भी इन्हें सपोर्ट है। जानें यह पूरा खेल।
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Rajasthan illegal Gravel Mining Tractor Trolley Plays Big Role Police is unaware even after knowing it

सुनील सिंह सिसोदिया
illegal Gravel Mining : राजस्थान में बजरी के अवैध खनन में ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा सहारा बन गए हैं। इनके जरिए बनास व अन्य नदियों से बजरी निकाली जा रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहले नदी के आसपास के क्षेत्र में स्टॉक किया जाता है। उसके बाद यह ट्रकों में भरी जाती है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां माफिया की देखरेख में चलने के साथ ही स्थानीय नेताओं का भी इन्हें सपोर्ट मिल रहा है। पूरे रास्ते पुलिस की निगरानी में ट्रक रहते हैं। बाकायदा इनकी एंट्री हाईवे स्थित थानों पर होती है। इस एंट्री के आधार पर प्रति ट्रक-ट्रॉली ‘सेवा’ शुल्क लिया जाता है। यह पूरी जानकारी पुलिस और खान विभाग के अधिकारियों को है।

85 हजार का आ रहा ट्रोला

जयपुर में ओवरलोड भरकर आ रहे ट्रोले में करीब 65 टन बजरी आ रही है। बजरी का भाव 1300 रुपए टन के आसपास चल रहा है। इस तरह एक ट्रोला करीब 85 हजार रुपए में आ रहा है।

अवैध खनन के मुकाबले कार्रवाई बहुत कम

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में सभी खनिजों के अवैध खनन के 8829 (15 मार्च तक) मामले दर्ज हुए हैं। पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल 9 हजार से 13 हजार से भी ज्यादा तक मामले दर्ज हुए हैं। समस्त खनिजों में अकेले बजरी के मामलों को देखा जाए तो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4313 (15 मार्च तक) मामले दर्ज हुए हैं। जो समस्त खनिजों के दर्ज मामलों के मुकाबले लगभग आधे हैं। जानकारों के अनुसार ये तो दर्ज मामले हैं। दरअसल इससे कहीं अधिक संख्या में अवैध खनन हो रहा है। वहीं, पुलिस कार्रवाई दिखावे की होती है।

प्रदेश में बजरी खनन की स्थिति

विवरण -2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 2024-25
प्रकरण - 10169 - 6425 - 5584 - 5255 - 4241 - 4313
एफआइआर - 808 - 634 - 927 - 688 - 709 - 493
जब्त वाहन - 10331 - 6407 - 5637 - 5233 - 4139 - 3302
जुर्माना - 66.58 - 53.92 - 53.11 - 44.68 - 55.27 - 26.07

*वर्ष 2024-25 के आंकड़े 15 मार्च तक, **जुर्माना राशि करोड़ रुपए में

सख्ती के कुछ दिन बाद ही बन्द हो जाती कार्रवाई

खनिज कारोबार से प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि और नौकरशाह भी जुड़े हुए हैं। इससे अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई जब भी हुई तो कुछ दिन बाद ही बंद हो गई। अब राज्य सरकार ने फिर अभियान चलाया है। इसमें सख्ती जारी रही तो प्रदेश में अवैध खनन पर लगाम लग सकती है।

Updated on:
07 Apr 2025 07:14 am
Published on:
07 Apr 2025 07:14 am