जयपुर

जयपुरवासियों के लिए अच्छी खबर: दिल्ली-मुंबई का चक्कर छोड़िए, अब शहर में की करवा सकेंगे बच्चों का निशुल्क इलाज

राजधानी जयपुर में रहने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब आपको अपने बच्चों के इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दरअसल, शहर के एक अस्पताल में हार्ट सर्जरी यूनिट तैयार हो गई है।
2 min read
Jul 10, 2025
Jaipur News
हार्ट सर्जरी यूनिट तैयार (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: छोटे-छोटे मासूम दिल जो हर धड़कन पर जीवन की आस लगाए बैठे होते हैं, अब उन्हें इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राजस्थान के बच्चों के लिए एक बड़ी सौगात की शुरुआत होने जा रही है।


बता दें कि जयपुर के जेके लोन अस्पताल में पहली बार बच्चों के लिए डेडिकेटेड हार्ट सर्जरी यूनिट तैयार हो गई है, जहां 17 जुलाई से इलाज शुरू होगा। सबसे बड़ी बात यह जीवनरक्षक इलाज ’मां योजना’ के तहत पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगा।


राजस्थान में पहली बार सरकारी अस्पताल में बनेगी यह यूनिट


जेके लोन अस्पताल के दूसरे तल पर तैयार की गई यह यूनिट राजस्थान में किसी भी सरकारी अस्पताल में बच्चों के लिए पहली डेडिकेटेड पीडियाट्रिक कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) यूनिट होगी। सीटीवीएस विभाग की प्रोफेसर डॉ. हेमलता ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई इस यूनिट में अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं जुटाई गई हैं।


अब हर दिन हो सकेंगी सर्जरी, मिलेगी बड़ी राहत


अब तक जेके लोन और एसएमएस अस्पताल में रोजाना 30-40 बच्चे दिल संबंधी समस्याओं के साथ पहुंचते हैं। इनमें 3-4 नए केस होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण एसएमएस अस्पताल में महीने में सिर्फ 1-2 सर्जरी ही हो पाती थी। अब नए सीटीवीएस यूनिट के शुरू होने के बाद रोजाना बच्चों की सर्जरी संभव होगी, जिससे गंभीर बच्चों को तुरंत इलाज मिलेगा। साथ ही जेके लोन में नियमित कार्डियक ओपीडी भी शुरू की जाएगी।


ये सुविधाएं होंगी उपलब्ध


-एक अत्याधुनिक कैथ लैब
-मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर
-10 बेड का आईसीयू
-5 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट
-65 बेड का जनरल वार्ड


डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यूनिट पूरी तरह तैयार है और निर्धारित तिथि से संचालन शुरू हो जाएगा। जेके लोन में यह यूनिट 17 जुलाई से शुरू हो जाएगी। बच्चों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा, लाखों रुपए की बचत होगी और परिजन को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा समय और धन दोनों की बड़ी राहत लेकर आएगी।
-डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

Published on:
10 Jul 2025 07:51 am