LPG Crisis: जयपुर में एलपीजी संकट के बीच 52 हजार घरों में पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान शुरू होगा। बैठक में तय हुआ कि पीएनजी लेने पर एलपीजी कनेक्शन तुरंत बंद करना जरूरी नहीं होगा। उपभोक्ताओं को 10 से 15 दिन में कनेक्शन देने की तैयारी है।
Jaipur PNG Pipeline Connection: जयपुर शहर में जारी एलपीजी संकट के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रशासन ने पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की है। पीएनजी कनेक्शन लेने पर एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना अनिवार्य नहीं होगा।
उपभोक्ता चाहें तो केवल सिक्योरिटी राशि और सिलेंडर जमा कर पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं। वे आने वाले महीनों में पीएनजी के उपयोग और फायदे का अनुभव लेने के बाद ही एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का निर्णय ले सकते हैं। गुरुवार को संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार की अध्यक्षता में पीएनजी सप्लायर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय किया गया।
बैठक में सामने आया कि शहर के करीब 52 हजार घरों के सामने पीएनजी नेटवर्क पहले ही बिछाया जा चुका है। लेकिन एलपीजी कनेक्शन बंद होने की आशंका के कारण उपभोक्ता कनेक्शन लेने से हिचक रहे हैं। उपभोक्ताओं के बीच भ्रम दूर करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
इसी के तहत शुक्रवार से पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में तीन एसडीएम स्तर के अधिकारी एलपीजी उपभोक्ताओं और हाउसिंग सोसायटियों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसमें पीएनजी के फायदे, सुरक्षा मानकों और कनेक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
एलपीजी कमी का असर रसोई में दिखने लगा है। लोग गैस बचाने के फेर में चूल्हे जलाने को मजबूर हैं। ऐसे ही कुछ परिवार विधानसभा के सामने से लकड़ियां लेकर गुजरते हुए दिखे।
प्रशासन का दावा है कि पीएनजी एलपीजी के मुकाबले करीब 17 फीसदी सस्ती है और पाइपलाइन से सीधे सप्लाई होने के कारण यह अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक भी है। गैस खत्म होने या सिलेंडर बदलने का झंझट नहीं रहता, जिन इलाकों में नेटवर्क तैयार है। वहां 10 से 15 दिन के भीतर कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं।
कालवाड़ रोड जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में भी पीएनजी लाइन बिछ चुकी है। जहां बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। दूसरे चरण में इन व्यावसायिक उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे घरेलू के साथ-साथ कमर्शियल सेक्टर में भी पीएनजी की पहुंच बढ़े।
24 घंटे रसोई में गैस की सप्लाई
2 महीने में 1 बार बिल होता जारी
14 किलो का सिलेंडर हर माह बुक कराने का झंझट नहीं
10 से 20 मंजिल की मल्टीस्टोरी में पाइप से रसोई तक आसान पहुंच
लीक होने पर ब्लास्ट का खतरा नहीं