जयपुर

Ram Navami Special : ‘स्कूल ऑफ राम’ में देश-विदेश के छात्र कर रहे फ्री में अनोखी पढ़ाई, चौपाइयों से जोड़ रहे वैज्ञानिक सिद्धांत

Ram Navami Special : राजस्थान सहित पूरे देश में आज रामनवमी मनाई जा रही है। ‘स्कूल ऑफ राम’ में देश विदेश के छात्र फ्री में अनोखी पढ़ाई कर रहे हैं।

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Ram Navami Special : राजस्थान सहित पूरे देश में आज रामनवमी मनाई जा रही है। ‘स्कूल ऑफ राम’ में देश विदेश के छात्र फ्री में अनोखी पढ़ाई कर रहे हैं। रामत्व की वैज्ञानिकता को सिद्ध करने के लिए जयपुर निवासी प्रिंस तिवाड़ी ने विश्व के पहले रामायण आधारित वर्चुअल विद्यालय ‘स्कूल ऑफ राम’ की स्थापना की। करीब चार वर्ष पूर्व शुरू हुए स्कूल में भारत, अमरीका, कनाडा, नेपाल व थाईलैंड सहित अन्य देशों के 6000 से भी अधिक विद्यार्थी नि:शुल्क रामायण की चौपाइयों के अध्ययन के साथ ही जीवन प्रबंधन सीख रहे हैं।

देश का पहला अनोखा प्रयास - संस्थापक प्रिंस तिवाड़ी

संस्थापक प्रिंस तिवाड़ी ने बताया कि रामचरितमानस को विज्ञान से जोड़ने वाला यह देश का पहला अनोखा प्रयास है। जहां बिना किसी शुल्क के सभी आयु वर्ग के लोग इससे ऑनलाइन जुड़कर जीवन में अध्यात्म और आधुनिकता का संतुलन समझते हैं।

‘रामचरितमानस में भौतिक विज्ञान’ कोर्स की हुई शुरुआत

हाल ही ‘रामचरितमानस में भौतिक विज्ञान’ नामक एक माह के कोर्स की शुरुआत की है। इसमें प्राकृतिक विज्ञान के सिद्धांतों को रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से समझाया जाता है। उन्होंने बताया कि रामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी, नाटक मंचन, चित्र प्रदर्शनी और 101 दिवसीय जीवन प्रबंधन कोर्स जैसे नवाचार भी किए हैं।

चौपाइयां, उनसे जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत

1- तृषा जाई वरु मृगजल नाना….प्रकाशिकी के अपवर्तन सिद्धांत से ‘मृगमरीचिका’ को समझाया गया।
2- बार-बार रघुवीर संभारी। तरकेउ…न्यूटन के गति के तीसरे नियम ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ को हाइड्रोक्लोरिक व एथेन रॉकेट प्रयोग से समझाया है।
3- एकु दारुगत देखिअ एकू, पावक….ऊर्जा रूपांतरण के सिद्धांत को इस चौपाई से समझाया गया है।
4- अति संघरषन जौं कर कोई। अनल…घर्षण से उत्पन्न ऊर्जा की अवधारणा को स्पष्ट किया है।

Updated on:
06 Apr 2025 04:36 pm
Published on:
06 Apr 2025 02:46 pm
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