
Cardiac Surgery Success Story: सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के चिकित्सकों ने 8 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में एक मरीज की तीन दुर्लभ हार्ट सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ बताया जा रहा है। चिकित्सकों का दावा है कि प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है। चिकित्सकों के अनुसार दुनिया में ऐसे 10 से भी कम मामले दर्ज हैं, जहां ये तीनों सर्जरी एक साथ की गई हों।
सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि मरीज को जन्मजात महाधमनी संकीर्णता (कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा) थी। इसके साथ ही हार्ट वॉल्व और महाधमनी का आर्च भी गंभीर रूप से खराब था। समय पर सर्जरी नहीं होने पर एक वर्ष के भीतर मरीज की जान को करीब 80 प्रतिशत तक खतरा था।
चिकित्सकों का कहना है कि बेंटल प्रक्रिया, टोटल आर्च रिप्लेसमेंट और सीओए रिपेयर जैसी तीन जटिल सर्जरी एक साथ होना बेहद दुर्लभ है। उनका दावा है कि भारत में संभवत: पहली बार ऐसा ऑपरेशन किया गया है। अलग‑अलग ऑपरेशन में हर बार 5 से 8 प्रतिशत तक जान का खतरा रहता है। तीनों सर्जरी एक साथ करने से जोखिम करीब 62 प्रतिशत तक बढ़ गया था, लेकिन टीम के प्रयासों से ऑपरेशन सफल रहा और मरीज को नया जीवन मिला।
मरीज का इलाज राज्य सरकार की मां योजना के तहत निशुल्क किया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीज को 6 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद उसे 14 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया और तीसरे दिन आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर चल‑फिर रहा है।
इस जटिल सर्जरी को डॉ. अनिल शर्मा के निर्देशन में डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ. वक्ता राम चौधरी, डॉ. गौरव, डॉ. प्रीतांशी, डॉ. राकेश, डॉ. कुलराज, डॉ. सूरज, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. रीमी मीना, डॉ. अंजुम, डॉ. अरुण, परफ्यूजनिस्ट प्रांजलि, पुलकित, आरती तथा नर्सिंग इंचार्ज सुधा और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।