जयपुर

Rajasthan JJM Scam : सुबोध अग्रवाल की फरारी बनी सस्पेंस थ्रिलर, अब हर ठिकाने की कुंडली खंगालेगी एसीबी

Rajasthan JJM Scam : राजस्थान में जल जीवन मिशन के करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुबोध अग्रवाल की फरारी के हर ठिकाने की कुंडली एसीबी खंगालेगी। एसीबी सूत्रों के अनुसार 100 सवालों की सूची तैयार है। रिमांड के दौरान पूछे जाएंगे सारे सवाल।

2 min read
राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले के आरोपी तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुबोध अग्रवाल। फोटो पत्रिका

Rajasthan JJM Scam : राजस्थान में जल जीवन मिशन के करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुबोध अग्रवाल फरारी के दौरान दिल्ली के एक गेस्ट हाउस में किराए पर रह रहे थे। एसीबी की टीम अब उन तमाम ठिकानों की तस्दीक करने जाएगी जहां वे छिपे थे। जांच में सामने आया कि 17 फरवरी 2026 की रात एसीबी की दबिश से बचने के लिए भागे सुबोध अग्रवाल पहले नोएडा में अपने एक रिश्तेदार के फ्लैट पर पहुंचे। एसीबी की टीम भी वहां पहुंची, लेकिन वे एक दिन पहले ही वहां से निकल चुके थे। इसके बाद वे फरीदाबाद में परिचित के फ्लैट और फिर वहां से 50 किमी दूर एक फार्म हाउस में ठहरे। एसीबी की टीम जब फार्म हाउस पहुंची, तो वहां से भी वे महज आधा घंटा पहले दिल्ली के लिए निकल गए और वहां किराए पर एक गेस्ट हाउस में शरण ली।

सीबीआइ और एसीबी की जांच के दायरे अलग-अलग

एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में दिल्ली सीबीआइ ने केस दर्ज किया है और वह उसी पहलू की जांच कर रही है। वहीं, एसीबी जल जीवन मिशन में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच में जुटी है।

एसआइटी के सुपरविजन अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि रिमांड के दौरान आरोपी से कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। एसआइटी में शामिल एएसपी महावीर शर्मा, हिमांशु कुलदीप व भूपेन्द्र सिंह जांच कर रहे हैं।

दो मामलों में अब तक 22 गिरफ्तारियां

जल जीवन मिशन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में एसीबी अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से कुछ आरोपी दोनों ही मामलों में शामिल हैं। वर्तमान में सुबोध अग्रवाल वाले प्रकरण में 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 3 अभी फरार हैं और 5 की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है।

एसीबी अब तक इन्हें कर चुकी गिरफ्तार

जेजेएम घोटाले में दर्ज एफआइआर के तहत एसीबी 8 टेंडरों (एनआइटी) की जांच कर रही है। इस मामले में 17 फरवरी को मुख्य अभियंता दिनेश गोयल, केडी गुप्ता, आरडब्लयूएसएसएमबी के तत्कालीन सचिव शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, निरिल कुमार, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी और केरल के एक व्यक्ति मुकेश पाठक को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वहीं एसइ जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता फिलहाल फरार हैं। एसीबी अब इन फरार आरोपियों की संपत्तियां कुर्क करवाने की तैयारी में जुटी है।

रोते हुए मातहत बोलें: धमकाते थे अग्रवाल, जबरन करवाते काम

एसीबी सूत्रों के अनुसार, सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के लिए 100 से अधिक सवालों की सूची तैयार की गई है। इनमें फर्जी प्रमाण पत्रों के उपयोग, टेंडर घोटाले की राशि का बंटवारा और इसमें शामिल अन्य लोक सेवकों की भूमिका मुख्य है। रिमांड पर लिए गए पूर्व के 10 आरोपियों में से तीन-चार अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान रोते हुए बताया कि सुबोध अग्रवाल उन्हें धमकाते थे और उनसे जबरन काम करवाते थे। अब इन बयानों को लेकर भी अग्रवाल से आमना-सामना करवाया जाएगा।

मीडियाकर्मी के गिरने पर बोले- चश्मा टूटा तो पैसे लूंगा

कोर्ट में पेशी के बाद जब एसीबी की टीम सुबोध अग्रवाल को सीढ़ियों से नीचे ले जा रही थी, तभी एक मीडियाकर्मी अचानक फिसलकर गिर गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुबोध अग्रवाल ने कहा कि अगर मेरा चश्मा टूट जाएगा तो पैसे ले लूंगा।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Politics : जोशी का राज्यपाल कटारिया पर पलटवार, लिखा 11 पेज का लेटर, लगाए गंभीर आरोप

Published on:
11 Apr 2026 09:22 am
Also Read
View All