जयपुर

राजस्थान के 600 कॉलेजों में मची खलबली, क्या हो रही 2500 सहायक आचार्यों को हटाने की तैयारी? नए नियमों ने बढ़ाई टेंशन

राजस्थान में विद्या संबल योजना के तहत पिछले पांच वर्षों से कार्यरत करीब 2500 सहायक आचार्यों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग टीचिंग एसोसिएट के पदों पर 5 साल की संविदा भर्ती की तैयारी में है।
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Updated: 24 Feb 2026, 9:10 AM IST
Rajasthan Job Crisis 2500 Asst Professors Face Firing as Vidya Sambal Yojana Ends Massive Protest in Jaipur
विद्या संबल योजना के शिक्षकों का फूटा दर्द (फोटो-एआई)

Vidya Sambal Yojana Rajasthan: राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में पिछले पांच वर्षों से उच्च शिक्षा की कमान संभाले हुए करीब ढाई हजार सहायक आचार्यों की रातों की नींद उड़ गई है। प्रदेश के 600 से अधिक कॉलेजों में विद्या संबल योजना के तहत सेवाएं दे रहे इन शिक्षकों को अब अपनी नौकरी जाने का डर सता रहा है।

सरकार द्वारा 'टीचिंग एसोसिएट' के पदों पर नई संविदा भर्ती की तैयारी ने इस डर को हकीकत में बदल दिया है। सोमवार को राजधानी जयपुर का शहीद स्मारक प्रदेशभर से आए सहायक आचार्यों के नारों से गूंज उठा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उच्च शिक्षा विभाग अब कर्मचारी चयन बोर्ड के जरिए नई भर्ती करने जा रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि वर्तमान में कार्यरत विद्या संबल योजना के शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

मेहनत और योग्यता का अपमान?

सहायक आचार्य डॉ. राम सिंह सामोता ने सरकार की इस नीति पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों का चयन UGC रेगुलेशन 2018 के कड़े मानकों के आधार पर हुआ था। 100 अंकों के API स्कोर, PhD, NET, SET और रिसर्च पेपर जैसी योग्यताओं के बाद हमें नियुक्ति मिली थी। अब हमें हटाकर अस्थाई भर्ती करना न्यायसंगत नहीं है।

वहीं, संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र सिंह यादव ने इसे "मेहनत करने वालों का अपमान" करार दिया है। प्रदेश महामंत्री डॉ. उपदेश शर्मा का कहना है कि राजस्थान में उच्च शिक्षा के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस आश्वासन नहीं दिया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

सहायक आचार्यों की प्रमुख मांगें

  • हरियाणा सरकार की तर्ज पर रोजगार गारंटी और सेवा की सुनिश्चितता प्रदान की जाए।
  • नई संविदा भर्ती से पहले वर्तमान में कार्यरत सभी विद्या संबल सहायक आचार्यों की स्क्रीनिंग कर उन्हें सुरक्षित किया जाए।
  • वेतन मासिक आधार पर मिले और लंबे समय से चल रही वेतन की अनियमितता दूर हो।
  • राजसेस के पदों पर कार्यरत शिक्षकों को ट्रांसफर या डेपुटेशन से प्रभावित न किया जाए।
Updated on:
24 Feb 2026, 9:10 AM IST
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