पेपर लीक पर सख्ती दिखाने वाली राजस्थान सरकार भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
fake recruitment in sports quota: जयपुर। पेपर लीक पर सख्ती दिखाने वाली राजस्थान सरकार भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। खेल प्रमाणपत्रों में गड़बड़ियों को रोकने और खेल नीति की विसंगतियों को दूर करने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और RPSC कई बार कार्मिक विभाग व खेल विभाग को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन दोनों विभागों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। इधर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शिक्षक भर्ती की विज्ञप्ति भी जारी कर दी है। ऐसे में एक बार फिर खेल कोटे में फर्जी सर्टिफिकेट लगाए जाने का खतरा बना हुआ है।
ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को फायदा देने के उद्देश्य से तैयार की गई इस नीति में एआइयू (एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी) और SGFI (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के खेलों को भी शामिल कर लिया गया। लेकिन पिछली भर्तियों में इन्हीं दोनों के सर्टिफिकेट सबसे ज्यादा संदिग्ध पाए गए। एसओजी की जांच में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया। कई ऐसे खेलों को भी खेल नीति में स्थान दे दिया गया जो नॉन-ओलंपिक थे या धरातल पर उनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था। ऐसे में एआइयू और एसजीएफआइ के स्तर पर भर्ती से ठीक पहले खेल आयोजित करा कर बड़ी संख्या में मेडल बांट दिए गए।
शिक्षक भर्ती और पीटीआइ भर्ती में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने दर्जनों अभ्यर्थियों को फर्जी खेल प्रमाणपत्र लगाने पर बाहर किया। कई उम्मीदवार ऐसे पकड़े गए जिन्होंने नॉन-ओलंपिक खेलों के जाली प्रमाणपत्र बनवाए थे। इस वजह से उत्कृष्ट खिलाड़ियों को अब तक उनका हक नहीं मिल पाया। कई मामलों में तो अभी तक कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच ही चल रही है। फर्जीवाड़े के चलते वास्तविक खिलाड़ियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
भाजपा सरकार पेपर लीक पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन भर्तियों में फर्जीवाड़े पर भी रोक लगानी होगी। खेल नीति में मौजूद खामियों को तुरंत दूर किया जाए। कई भर्तियों में फर्जी खेल प्रमाणपत्र मिले हैं। नीति में सिर्फ ओलंपिक खेलों को ही शामिल किया जाना चाहिए। -ईरा बोस, प्रदेशाध्यक्ष, युवा हल्ला बोल
खेल प्रमाणपत्र में गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं। हमने ऐसे अभ्यर्थियों पर कार्रवाई भी की है। इसके संबंध में नीति सुधार के लिए विभागों को पत्र लिख चुके हैं। -अलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड