
Rajasthan Liquor Price Hike: राजस्थान सरकार ने अपनी आबकारी नीति (2025-29) में बड़ा संशोधन करते हुए शराब प्रेमियों और इवेंट आयोजकों को तगड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार की नई अधिसूचना के बाद अब प्रदेश में शराब की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रभावी हो गई है।
सिर्फ बोतल की कीमत ही नहीं, बल्कि आयोजनों में शराब परोसने के नियम भी कड़े और महंगे कर दिए गए हैं। अब अगर आप किसी कमर्शियल इवेंट के लिए 'ओकेजनल लाइसेंस' लेते हैं, तो आपको प्रतिदिन 20,000 रुपए चुकाने होंगे, जो पहले 12,000 रुपए था। वहीं, शादी जैसे निजी आयोजनों के लिए यह शुल्क 2,000 से बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब आबकारी विभाग की पैनी नजर रहेगी। सरकार ने पहली बार सख्त जुर्माना लागू किया है। यदि बिना अनुमति के शराब परोसी गई या लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन हुआ, तो सीधे 50,000 रुपए का तगड़ा जुर्माना देना होगा।
विभाग का मुख्य उद्देश्य राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ अवैध शराब की खपत पर लगाम लगाना है। यदि आप भी किसी जश्न की तैयारी कर रहे हैं, तो भारी जुर्माने से बचने के लिए समय पर परमिट लेना न भूलें।
राजस्थान में नए वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल, 2026) से शराब के शौकीनों को बड़ा झटका लगा। आबकारी विभाग ने एक्साइज ड्यूटी और 'एक्स डिस्टिलरी प्राइस' (EDP) में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जिससे शराब और बियर की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया।
इस बढ़ोतरी की सबसे ज्यादा मार देसी शराब पीने वालों पर पड़ेगी। जहां कीमतों में 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यानी 900 रुपए की देसी शराब के लिए अब करीब 85 रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे।
वहीं, राजस्थान मेड शराब के दाम भी 8 फीसदी तक बढ़े। राहत की बात यह है कि विदेशी ब्रांड्स और अंग्रेजी शराब की कीमतों में केवल 2.6 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है।
बियर के शौकीनों के लिए 1000 रुपए के खर्च पर करीब 25 रुपए और कैन पर 33 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई। आबकारी विभाग के मुताबिक, उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।
इस कदम से सरकार को साल 2026 में 1500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। गौरतलब है कि प्रदेश की कुल 7665 लाइसेंस्ड दुकानों में से 98 फीसदी की सफल नीलामी पहले ही की जा चुकी है।