
जयपुर ।
राजस्थान में चुनावी साल के चलते सरकार अन्नदाताओं को खुश करने और अपना वोट बैंक मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में सरकार जहां गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से जनसंवाद कर रही है वहीं किसानों को ऋण माफ़ी योजना के तहत राहत देने की कोशिश भी कर रही है। प्रदेश में किसानों के लिए चल रहे ऋण माफ़ी शिविर में अब तक सरकार लाखो किसानों को ऋण माफ़ी का फायदा पहुंचा चुकी है। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने ऋण माफ़ी के संबंध में बताया की प्रदेश में 4 जून से 28 जून तक एक हजार 409 ऋणमाफी शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से सहकारी बैंकों से जुड़े 2 लाख 84 हजार 286 किसानों को 865.17 करोड़ रुपये के ऋणमाफी प्रमाण पत्र वितरित हो चुके हैं।
दो दिन में 50 हजार किसानों को ऋण माफ़ी पत्र
साथ ही उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में लगातार फसली ऋण का वितरण किसानों को किया जा रहा है और 28 जून तक 4 हजार 167 करोड़ रुपये का फसली ऋण किसानों को बांटा जा चुका है। किसानों को नया फसली ऋण वितरण तेजी से किया जा रहा है। 29 एवं 30 जून को 178 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। 28 जून तक 2 लाख 22 हजार 265 सीमान्त एवं लघु किसानों को 691.03 करोड़ रुपये तथा 62 हजार 21 अन्य किसानों को 174.15 करोड़ रुपये के फसली ऋण माफी के प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
किसानों को दिया ऋण माफ़ी का फायदा
किसान द्वारा मूल ऋणमाफी के बाद शेष बकाया राशि जमा कराने पर एवं ऋण के लिये आवेदन करने पर पूर्व में जितना ऋण स्वीकृत था उतना ऋण किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। आयोजित किये गये 1 हजार 409 शिविरों में 1524 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के किसानों को लाभान्वित किया गया है। शिविरों में 2 लाख 22 हजार 265 सीमान्त एवं लघु किसानों का 658 करोड़ 74 लाख रुपये मूल ऋण, 25 करोड़ 44 लाख रुपये ब्याज राशि एवं 6 करोड़ 85 लाख रुपये की शास्ति राशि सहित कुल 691 करोड़ 3 लाख रुपये का कर्जमाफ किया गया है।