पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने एक ऐसा 'फरमान' जारी किया है, जिससे प्रदेश के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। अब न केवल अतिक्रमण ढहाया जाएगा, बल्कि अतिक्रमणकारियों को सामाजिक रूप से 'बेनकाब' करने के लिए उनके नाम और फोटो गांव के चौराहों पर चस्पा किए जाएंगे।
राजस्थान में पंचायती राज विभाग अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गया है। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अवैध कब्जों को लेकर ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के लगभग 200 चिन्हित बड़े अतिक्रमणकारियों को 10 दिन का नोटिस थमाया है। यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो सरकार न केवल पीला पंजा चलाएगी, बल्कि अतिक्रमणकारियों की फोटो उनके ही गांव में सार्वजनिक रूप से लगाकर उन्हें 'सार्वजनिक रूप से बेनकाब' करेगी।
मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करना एक अपराध है और अब अपराधियों को समाज के सामने लाने का वक्त आ गया है।
गुरूवार को विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मदन दिलावर ने अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने विभाग में लंबित पत्रों और प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाह भूमि, रास्तों और सरकारी भवनों की जमीनों को मुक्त कराने का महाभियान शुरू किया है। मदन दिलावर ने कहा कि "किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और तय समयसीमा में परिणाम दें।"
यह पहली बार है जब राजस्थान में अतिक्रमणकारियों की फोटो गांव में चस्पा करने जैसा कड़ा फैसला लिया गया है। इससे पहले केवल बड़े अपराधियों या आर्थिक अपराधियों के साथ ऐसा देखा जाता था। जानकारों का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में सालों से चल रहे भूमि विवादों और अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी।
बैठक में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब एक ऐसा सिस्टम विकसित कर रहा है जिससे जिला स्तर पर हो रही कार्रवाई की सीधी रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय तक पहुंचेगी।