जयपुर

राजस्थान में आज से 3 दिन तक बारिश के आसार, जानें ‘ब्रेक मानसून’ के बीच क्या है मौसम विभाग का पूर्वानुमान?

Rajasthan IMD Alert | मानसून की रफ्तार थमने से कई जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। जानिए मौसम विभाग का 13 से 15 जुलाई तक जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के लिए ताजा पूर्वानुमान।
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Jul 13, 2026
Rajasthan Monsoon Weather Forecast Rain Deficit Update Jaipur Bikaner
Rajasthan Monsoon Weather - File PIC

राजस्थान में मानसून के प्रवेश के बाद अब इसकी रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर द्वारा आज 13 जुलाई को जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 3 दिनों यानी 15 जुलाई तक राज्य के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश भागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले 1 सप्ताह तक प्रदेश में ब्रेक मानसून की स्थिति बनी रहेगी, जिससे भारी या व्यापक स्तर पर बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित हो जाएंगी। हालांकि, इस शुष्क मौसम के बीच आज 13 जुलाई को जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी के कुछ स्थानीय क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जो स्थानीय निवासियों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है।

लेकिन राज्य के एक बड़े हिस्से में मानसून की इस सुस्ती ने किसानों और आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि खेतों में बुवाई के बाद अब फसलों को पानी की सख्त जरूरत महसूस होने लगी है।

3 दिनों का मौसम पूर्वानुमान, कहां-कहां बरस सकते हैं मेघ

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के बुलेटिन के अनुसार, आगामी 3 दिनों के दौरान राज्य में केवल स्थानीय स्तर पर ही बादलों की आवाजाही देखी जाएगी। इस पूर्वानुमान के तहत मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-

13 जुलाई का अलर्ट: आज जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी (सीकर, झुंझुनू और चुरू) के कुछ सीमित स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

14 और 15 जुलाई का पूर्वानुमान: इन दो दिनों में पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में कहीं-कहीं केवल हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

अगले 1 सप्ताह की स्थिति: मौसम केंद्र का साफ कहना है कि अगले पूरे सप्ताह राजस्थान के अधिकांश जिलों में भारी बारिश के आसार बेहद कम हैं और मानसून की गतिविधियों में भारी कमी देखी जाएगी।

19 जिलों में सामान्य से कम बारिश

इस साल राजस्थान में मानसून की बारिश का वितरण असमान रहा है, जिसके कारण जिलों के बीच पानी का बड़ा असंतुलन पैदा हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 19 जिलों में अब तक सामान्य से भी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति उन 11 जिलों की है, जहां मानसून की बारिश में 20% से भी अधिक की भारी कमी दर्ज किया जा चुका है।

हालांकि, यदि पूरे राजस्थान का एक औसत निकाला जाए, तो राज्य में अब तक कुल मिलाकर औसतन 11.41% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह औसत केवल कुछ संभागों में हुई अत्यधिक और मूसलाधार बारिश के कारण बढ़ा है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आधे से ज्यादा राजस्थान इस समय अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है।

संभागवार बारिश का गणित: जानिए आपके संभाग में क्या है स्थिति

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई संभागवार रिपोर्ट राजस्थान में मानसून के असमान फैलाव को पूरी तरह स्पष्ट करती है:

बीकानेर संभाग: यहां इस सीजन में अब तक सबसे अधिक यानी सामान्य से 50.62% ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।

अजमेर संभाग: अजमेर में भी मानसून मेहरबान रहा है और यहां सामान्य से 38.62% अधिक पानी बरसा है।

जयपुर संभाग: राजधानी और आसपास के इलाकों में सामान्य से 16.79% अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है।

उदयपुर और भरतपुर संभाग: उदयपुर में सामान्य से 5.55% अधिक और भरतपुर में लगभग सामान्य यानी 0.10% अधिक बारिश हुई है।

जोधपुर और कोटा संभाग: पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग में सामान्य से 17.33% कम और हाड़ौती के कोटा संभाग में सामान्य से 1.68% कम बारिश दर्ज की गई है।

फतेहपुर 41 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा

बारिश की गतिविधियां थमने और आसमान साफ होने के कारण राजस्थान के अधिकांश शहरों में दिन और रात के तापमान में अचानक तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को शेखावाटी का फतेहपुर इलाका पूरे प्रदेश में सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान सीधे 41.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

इसके अलावा जैसलमेर में अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री, चूरू में 38.5 डिग्री, बीकानेर में 38.1 डिग्री, जबकि अलवर और श्रीगंगानगर में 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में भी उमस के कारण लोग परेशान रहे और यहां का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

आम जनजीवन और कृषि पर 'ब्रेक मानसून' का असर

मौसम में आए इस अचानक बदलाव और लंबे ड्राई स्पेल के कारण राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। जिन किसानों ने शुरुआती बारिश को देखकर बाजरा, ग्वार और मूंग की बुवाई पूरी कर ली थी, वे अब आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले 1 सप्ताह तक तेज धूप और गर्मी का यही सिलसिला जारी रहा, तो खेतों में खड़ी छोटी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच सकती हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में उमस बढ़ने के कारण बिजली की मांग में भी भारी इजाफा देखा जा रहा है।

Updated on:
13 Jul 2026 09:19 am
Published on:
13 Jul 2026 09:19 am