
राजस्थान में आगामी नगर निकाय आम चुनाव 2026 के मद्देनजर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने के उद्देश्य से वित्त (आबकारी) विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग ने 'सूखा दिवस' के संबंध में आदेश जारी किए हैं। आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदान दिवस और मतगणना के दिन संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में 'सूखा दिवस' लागू रहेगा। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 को और द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जबकि नगर परिषद और नगरपालिका मुख्यालयों पर मतगणना 14 सितंबर 2026 को होगी। नियमों के तहत मतदान समाप्ति से ठीक 48 घंटे पहले शराब की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी।
इस प्रशासनिक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों और आबकारी अधिकारियों को सख्त अनुपालना के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि चुनावी माहौल में शांति बनी रहे।
राज्य निर्वाचन आयोग और वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सूखा दिवस का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:
प्रथम चरण मतदान: 7 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे से 9 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे तक (48 घंटे की अवधि)।
द्वितीय चरण मतदान: 9 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे से 11 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे तक (48 घंटे की अवधि)।
मतगणना दिवस: 14 सितंबर 2026 को पूरे दिन संबंधित निकाय क्षेत्रों में सूखा दिवस प्रभावी रहेगा।
कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चुनाव के दौरान घोषित सूखा दिवस के दौरान किन गतिविधियों पर पाबंदी रहती है। आबकारी नियमों और चुनाव आचार संहिता के अनुसार सूखा दिवस पर कई तरह की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।
देशी व अंग्रेजी शराब दुकानों का संचालन: शहर व संबंधित निकाय सीमा में आने वाले सभी देशी और अंग्रेजी शराब के ठेके पूरी तरह से बंद रहेंगे।
बार, पब और क्लबों में परोसने पर रोक: होटल, रेस्तरां, बार, पब, रिसॉर्ट और क्लबों में शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी।
भांग व ताड़ी के ठेके: भांग और ताड़ी की अधिकृत दुकानें भी सूखा दिवस के दौरान बंद रखी जाती हैं।
शराब का परिवहन और भंडारण: व्यावसायिक रूप से शराब के एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन या भारी मात्रा में गैर-कानूनी भंडारण करने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
खुले में सेवन व पिलाना: सार्वजनिक स्थानों, मैरिज गार्डनों या पार्टी वेन्यू पर शराब परोसने या सेवन करने की सख्त मनाही होती है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि सूखा दिवस की अवधि के दौरान कोई भी शराब दुकान खुलती पाई जाती है या अवैध रूप से शराब की तस्करी, जमाखोरी या वितरण किया जाता है, तो आबकारी अधिनियम और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ जब्ती और ठेका निरस्त करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
चुनाव प्रक्रिया, मतदान केंद्रों और संबंधित दिशा-निर्देशों की प्रामाणिक जानकारी के लिए मतदाता और नागरिक राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल्स पर जा सकते हैं।
निकाय चुनाव की तिथियों और चुनावी अपडेट के लिए State Election Commission Rajasthan Portal देखें।
आधिकारिक आदेशों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दिशा-निर्देशों के लिए Chief Electoral Officer, Rajasthan Portal का अवलोकन करें।