
Rajasthan Municipal Election Model Code of Conduct News PIC
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के आगामी आम चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। आचार संहिता लागू होने के बाद अक्सर विकास कार्यों और आम जनता से जुड़े दैनिक प्रशासनिक कामों के ठप होने की आशंका बनी रहती है। लेकिन इस बार आम जनता को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए स्वायत्त शासन विभाग (LSG) ने एक राहत भरा स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है। विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश में उन सभी कार्यों की सूची स्पष्ट की गई है जो आचार संहिता के दौरान भी बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेंगे।
स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों (EO) को पत्र भेजकर इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि विकास की रफ्तार भी न रुके और चुनाव नियमों का उल्लंघन भी न हो।
स्वायत्त शासन विभाग के आदेश के अनुसार, पूर्व से जारी या सामान्य दैनिक प्रकृति के निम्नलिखित कार्यों पर आचार संहिता का प्रभाव नहीं पड़ेगा-
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता के प्रभाव में रहने के दौरान किसी भी तरह की नई स्कीम, नए विकास कार्य, नए टेंडर जारी करने और नए वर्क ऑर्डर देने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा, चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक भूमि आवंटन और ऋण वितरण से जुड़े नए नीतिगत निर्णय भी नहीं लिए जा सकेंगे। इस दौरान नगर पालिकाओं की साधारण सभा की बोर्ड बैठकें आयोजित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
स्वायत्त शासन विभाग ने चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों जैसे मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष, सभापति, उपाध्यक्ष या उपसभापति द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किसी भी सरकारी या निकाय के वाहन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार के दौरान किसी भी तरह की राजकीय सुविधाओं का इस्तेमाल करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
Updated on:
23 Aug 2026 01:51 pm
Published on:
23 Aug 2026 01:24 pm
