What is Nautapa: धोरों की धरती यानी राजस्थान में नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। इसकी शुरुआत के साथ ही सूर्य की तपिश अपने चरम पर है। आज हम आपको बताएंगे कि नौतपा क्या है और इसमें धरती क्यों तपती है।
Why Does Earth Heat up During Nautapa: 25 मई यानी बीते दिन रविवार को सूरज की पहली किरण के साथ नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौ दिनों तक रहने वाला नौतपा सिर्फ भयंकर गर्मी के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक और ज्योतिष संदेश छुपा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि इसका असर मानवीय जीवन पर गहरा पड़ सकता है।
रविवार सुबह नौ बजकर 31 मिनट पर सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होते ही नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। इस दरमियान पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी सबसे कम मानी जाती है। ऐसे में इन दिनों सूर्य की किरणें बेहत तीव्र होती हैं और गर्मी असहनीय स्तर तक पहुंच जाती है।
-जब सूर्य वृषभ राशि में 10 से 23 डिग्री के बीच विचरण करता है और चंद्रमा आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक रहता है, तब नौतपा बनता है।
-इस साल संवत 2082 में राजा और मंत्री दोनों की भूमिका सूर्य निभा रहे हैं, जिससे गर्मी की तीव्रता और अधिक होने की आशंका जताई गई है।
-इस समय राहु और मंगल मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, इसका असर हवाओं में हलचल और अचानक मौसम परिवर्तन के रूप में देखने को मिल सकता है।
-वायुमंडलीय मंडल ‘वायु’ प्रधान है, जिससे तेज आंधी और तूफान की भी संभावना जताई जा रही है।
निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, नौतपा के दौरान तापमान 46 डिग्री तक जा सकता है। जैसलमेर और फलौदी जैसे इलाकों में यह 48 डिग्री तक भी जाने का अनुमान है। हालांकि, नौतपा के नौ दिनों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
यह केवल मौसम का एक दौर नहीं है, बल्कि लोक मान्यता और अनुभव के आधार पर यह पृथ्वी के स्वास्थ्य से जुड़ी एक चेतावनी भी है। मान्यता है कि जैसे मां गर्भ में नौ महीने तक शिशु को पोषित करती है, वैसे ही नौतपा के नौ दिन धरती को शुद्ध और संतुलित रखने का कार्य करते हैं।
अगर इन दिनों पर्याप्त धूप नहीं मिली, तो टिड्डियों, चूहों, बिच्छुओं, विषाणुओं और यहां तक कि बेमौसम आंधियों का खतरा भी बढ़ सकता है। यह केवल ग्रामीण कहावतें नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे वर्षों की पर्यवेक्षण और अनुभव की परछाईं है।
-डॉ. विशाल गुप्ता के मुताबिक, नौतपा के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है।
-लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कुछ खास सावधानियां जरूरी हैं।
-नींबू पानी, छाछ और फलों का भरपूर सेवन करें।
-दोपहर 12 से शाम चार बजे तक घर के अंदर रहें।
-हल्के, सूती और खुले कपड़े पहनें।
-सिर को ढककर ही बाहर निकलें।
ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं।
-26 मई को भरणी-कृतिका नक्षत्र के कारण गर्म हवा चलने की संभावना
-27 मई को रोहिणी नक्षत्र के कारण उमस भरी गर्मी रहने का अनुमान
-28 मई को मृगशिरा नक्षत्र के कारण तेज गर्मी की संभावना
-29 मई को आर्द्रा नक्षत्र के कारण हल्की बूंदाबांदी का अनुमान
-30 मई को पुनर्वसु नक्षत्र के कारण गर्मी और बूंदाबांदी के आसार
-31 मई को पुष्य नक्षत्र के कारण तेज गर्मी और शाम को बूंदाबांदी के आसार
-एक जून को अश्लेषा नक्षत्र के कारण बारिश और अंधड़ की संभावना
-दो जून को मघा नक्षत्र के कारण बारिश के आसार