राजस्थान के अगले सीएम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। विधायक दल की बैठक का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यवेक्षक और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अभी तक समय नहीं दिया है, जिसकी वजह से बैठक तय नहीं हो पा रही है। हालांकि अंदरखाने विधायकों को जयपुर पहुंचने के निर्देश मिल चुके हैं और उन्हें टोंक रोड पर होटलों में ठहराने की सूचना है।

राजस्थान के अगले सीएम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। विधायक दल की बैठक का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यवेक्षक और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अभी तक समय नहीं दिया है, जिसकी वजह से बैठक तय नहीं हो पा रही है। हालांकि अंदरखाने विधायकों को जयपुर पहुंचने के निर्देश मिल चुके हैं और उन्हें टोंक रोड पर होटलों में ठहराने की सूचना है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो आने वाले दो दिनों के भीतर विधायक दल की बैठक हो सकती है। राजनाथ सिंह के लगातार पहले कई कार्यक्रम तय हैं, इस वजह से उनकी तरफ से समय नहीं दिया गया है। हालांकि दिल्ली में राजनाथ सिंह से कई नेताओं ने मुलाकात की है। साथ ही फोन पर भी संपर्क साधा है। सिंह ने साफ कर दिया कि पार्टी आलाकमान की ओर से जो नाम तय किया है, उस नाम पर विधायकों को एकराय कराया जाएगा। गौरतलब है कि 3 दिसंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। इसमें भाजपा को बहुमत के साथ 115 सीटों पर जीत मिली मिली थी। मगर इस बार सीएम का कोई फेस नहीं था, जिसकी वजह पार्टी को सीएम के चयन में माथापच्ची करनी पड़ रही है।
किसी बाहरी को भी बना सकते हैं सीएम
पार्टी किसी बाहरी यानि नॉन विधायक को भी सीएम बना सकती है। पार्टी किसी ऐसे चेहरे पर ही दाव खेलेगी, जिस पर कोई विवाद नहीं हो। लोकसभा चुनाव की वजह से ही पार्टी निर्विवाद चेहरे को सीएम बनाएगी। सीएम के साथ जिन विधायकों को मंत्री बनाया जाना है, उनका भी नाम तय किया जा रहा है।
गहलोत के निशाने पर भाजपा
निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएम घोषित नहीं करने पर कहा है कि छह दिन बाद भी भाजपा मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है। ऐसा कांग्रेस में होता तो आपसी फूट और झगड़ा बताने लगाते। इस पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने पलटवार किया और कहा कि गहलोत वो दिन भूल गए जब 2018 में सीएम चयन करने में कांग्रेस ने 16 दिन लगा दिए थे।