Rajasthan News :- सीएम गहलोत के 'विस्फोटक' बयान मामला, प्रदेश में गरमाया हुआ है सियासी पारा, राहुल गांधी दौरे के बीच पायलट की प्रेस कांफ्रेंस, पूर्व डिप्टी सीएम जयपुर स्थित आवास पर करेंगे पीसी, मानेसर विधायकों पर आरोप का पलटवार करेंगे पायलट
Rajasthan News : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 'विस्फोटक' बयानों से गरमाए राजनीतिक माहौल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के बीच पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट आज दोपहर 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं। पायलट की ओर इस प्रेस कांफ्रेंस की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया और सोशल मीडिया तक में हलचलें तेज़ हो गई। अंदाज़ा सभी ये लगा रहे हैं कि इस प्रेस कांफ्रेंस में सचिन पायलट मुख्यमंत्री के बयानों पर ज़ोरदार पलटवार कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार सचिन पायलट ने जयपुर के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर दोपहर 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। माना ये भी जा रहा है कि इस प्रेस वार्ता में सचिन पायलट के अलावा वो तमाम नेता भी रहेंगे जो राजनीतिक संकट के दौरान उनके नेतृत्व में मानेसर गए थे। इस प्रेस वार्ता में सीएम गहलोत के तमाम बयानों को लेकर पायलट पक्ष की ओर से सफाई पेश की जा सकती है। साथ ही आगामी कदम को लेकर भी स्थिति साफ़ की जा सकती है।
फिलहाल पायलट की प्रेस कांफ्रेंस को लेकर तमाम तरह की अटकलें और चर्चाएं ज़ोर पकडे हुए हैं। ज़ाहिर ये भी है कि पायलट की प्रेस कांफ्रेंस पर मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली में बैठे आलाकमान की भी नज़रें होंगी।
ये कहा था मुख्यमंत्री ने -
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते रविवार को धौलपुर की एक सार्वजनिक जनसभा के मंच से अपने विरोधियों को निशाने पर लिया था। उन्होंने अपने 'विस्फोटक' बयानों में कई ऐसी बातें कह डाली थीं जिसने भाजपा के साथ ही पायलट खेमे में खलबली मचा डाली थीं।
मुख्यमंत्री ने राजनीतिक संकट के दौरान मानेसर गए पायलट गुट के विधायकों पर भाजपा की साजिश में शामिल होने और उनसे 10 से 20 करोड़ रूपए तक लेने का ज़िक्र किया था। उन्होंने मानेसर जाने वाले विधायकों से कहा कि भाजपा वालों से जो भी 10-20 करोड़ रुपए लिए हैं, उन्हें वापस करो, नहीं तो अमित शाह धमकाएंगे और डराएंगे क्योंकि वो बहुत खतरनाक आदमी हैं।
तीन नेताओं ने किया 'साजिश भंडाफोड़'
गहलोत ने तीन विधायकों का ज़िक्र करते हुए कहा था कि रोहित बोहरा, चेतन डूडी और दानिश अबरार ने सही समय पर बगावत की जानकारी दी। मेरा बस चलता तो इन तीनों नौजवानों को मंत्री बनाता। मैं मेरा साथ देने वाले निर्दलीयों, बसपा से आने वाले छह विधायकों को मंत्री नहीं बनवा पाया। कई राजनीतिक कारण होते हैं।