
जयपुर। राजस्थान के 309 निकायों में चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन था। दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर सकते थे। नामांकन के आखिरी दिन टिकट को लेकर कई जगह नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई। जयपुर में बीजेपी से टिकट की दावेदार अंजलि गौतम रोने लगीं, तो कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा का पुतला फूंका गया। वहीं अलवर में बीजेपी के दो मंडल अध्यक्षों ने टिकट वितरण से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
जयपुर के वार्ड 149 से बीजेपी के टिकट की दावेदारी कर रहीं अंजलि गौतम टिकट नहीं मिलने से भावुक हो गईं और रोने लगीं। उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी पर सवाल उठाए। अंजलि गौतम का कहना है कि बीजेपी में जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को मौका नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को टिकट दिया जा रहा है, जो सिर्फ ‘भाईसाहब-भाईसाहब’ कहकर नेताओं की जी-हुजूरी करते हैं।
जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा से पहले ही पार्टी के शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के खिलाफ विरोध शुरू हो गया। सोमवार सुबह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में अल्पसंख्यक समुदाय की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया। प्रत्याशियों के नामों को लेकर पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी के बीच सामने आए इस विरोध ने टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया।
वहीं, सोमवार को कांग्रेस के कारयकर्ताओं ने पार्टी कमेटी के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के जगतपुरा ब्लॉक स्थित वार्ड नंबर 64 से कांग्रेस टिकट की दावेदार मंजूलता मीणा को नेतृत्व में किया गया। उनका कहना था कि वह लगतार पार्टी के लिए काम कर रही हैं, इसीलिए उन्हें टिकट दी जाए।
अलवर में टिकट के दावेदारों की जानकारी फोन पर सामने आने के बाद बीजेपी के दो मंडल अध्यक्षों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। विवेकानंद मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़ ने कहा कि उनकी किसी ने नहीं सुनी। उनका आरोप है कि सामान्य सीट पर ओबीसी को टिकट दे दिया गया और उनसे इस बारे में पूछा तक नहीं गया। वहीं केशव मंडल अध्यक्ष महेश निहलानी ने कहा कि ऐसे लोगों को टिकट दिया गया है, जिनके खिलाफ जनता में नाराजगी है।