
Transport Department Negligence: राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसे और उनमें हो रही जनहानि भी परिवहन विभाग के सिस्टम को जगाने में नाकाम साबित हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन प्रदेश में इन 'मौत के सौदागरों' को थामने के बजाय सिस्टम लापरवाह बना हुआ है। विभाग के अपने ही आकड़े इस बात की गवाही दे रहे है कि कैसे जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर सड़कों को अनसेफ बनाया जा रहा है।
परिवहन विभाग ने हर इंस्पेक्टर को रोजाना 5 ओवरलोड वाहन पकड़ने का टारगेट दिया. तो बगावत शुरू हो गई। साठगांठ को तोड़ने के लिए शुरू की गई अंतर रीजन चैकिंग व्यवस्था (उड़नदस्तों के दूसरे क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करना) का भी पुरजोर विरोध हो रहा है। इस नई व्यवस्था से सड़कों पर होने वाली अवैध वसूली पर लगाम लग जाएगी, जिससे इसका विरोध हो रहा है।
राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रॉबिन सिंह का कहना है कि रोज 5 वाहनों का टारगेट और शनिवार रविवार को भी काम कराया जाना गलत है। अंतर रीजन चेकिंग के लिए टीए-डीए भी नहीं मिल रहा। हम अवकाश के दिन काम नहीं करेंगे और हड़ताल पर जाएंगे।
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा है कि निरीक्षकों से सिर्फ उनका निर्धारित काम लिया जा रहा है। ओवरलोड वाहन किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिए जाएंगे। निरीक्षकों की अगर कोई जायज समस्या है, तो वे आकर मिलें, नियमानुसार समाधान होगा।
| जिला/कार्यालय | ई-रवन्ना जनरेट | कार्रवाई नहीं हुई |
|---|---|---|
| सीकर | 5397 | 5346 |
| झुंझुनू | 748 | 743 |
| अजमेर | 751 | 730 |
| ब्यावर | 437 | 432 |
| सुजानगढ़ | 1714 | 1708 |
| नागौर | 358 | 341 |
| खेतड़ी | 2035 | 2026 |
| डीडवाना | 60 | 28 |
| जोधपुर | 54 | 19 |
| टोंक | 339 | 332 |
| बाड़मेर | 1182 | 1166 |
| किशनगढ़ | 38 | 32 |
| जैसलमेर | 32 | 29 |
| केकड़ी | 889 | 885 |
| बालोतरा | 11 | 3 |
| अलवर | 3726 | 3681 |
| पोखरण | 40 | 40 |
| भरतपुर | 4578 | 4554 |
| पाली | 1437 | 1431 |
| दौसा | 350 | 350 |
| सिरोही | 1821 | 1817 |
| सवाई माधोपुर | 145 | 122 |
| आबूरोड | 213 | 212 |
| करौली | 668 | 662 |
| जालोर | 455 | 450 |
| बीकानेर | 603 | 550 |
| कोटा | 72 | 67 |
| नोखा | 64 | 49 |
| बूंदी | 126 | 118 |
| श्रीगंगानगर | 691 | 675 |
| झालावाड़ | 126 | 126 |
| हनुमानगढ़ | 110 | 110 |
| बारां | 376 | 375 |
| नोहर | 96 | 79 |
| उदयपुर | 240 | 225 |
| जयपुर प्रथम | 1532 | 1471 |
| बांसवाड़ा | 70 | 68 |
| डूंगरपुर | 162 | 160 |
| जयपुर द्वितीय | 1459 | 1428 |
| राजसमंद | 1427 | 1394 |
| चौमूं | 491 | 489 |
| चित्तौड़गढ़ | 126 | 120 |
| कोटपूतली | 1607 | 1570 |
| भीलवाड़ा | 543 | 532 |
बीते 12 दिनों में प्रदेश के विभिन्न आरटीओ और डीटीओ क्षेत्रों से 38,222 ओवरलोड वाहन ई-रवन्ना जनरेट होने के बाद भी धड़ल्ले से गुजरे। 200 से अधिक परिवहन निरीक्षकों ने इनमें से 721 वाहनों पर ही कार्रवाई की। यानी 37.501 ओवरलोड वाहन बिना कार्रवाई के निकल गए। हैरानी वाली बात है कि इन 125 से अधिक निरीक्षकों ने तो पूरे 12 दिन में एक भी ओवरलोड वाहन नहीं पकड़ा।