जयपुर

Rajasthan: पचपदरा रिफाइनरी कब होगी दोबारा शुरू? HPCL ने दी जानकारी, सीयूडी यूनिट में चल रहा काम

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी को दोबारा शुरू करने को लेकर एचपीसीएल ने बड़ी जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि रिफाइनरी में आग कैसे लगी और कब-तक दोबारा से सीयूडी यूनिट का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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Updated: 26 Apr 2026, 4:38 PM IST
Pachpadra refinery Rajasthan
पचपदरा रिफाइनरी। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) में हाल ही में लगी आग को लेकर अब कंपनी ने विस्तृत जानकारी साझा की है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संयुक्त उद्यम इस रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) के एक हिस्से में आग लगी थी, जिसके बाद हुए नुकसान को ठीक करने के लिए मरम्मत कार्य तेजी से जारी है।

कंपनी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित रही, जिससे केवल छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े सहायक उपकरण प्रभावित हुए। राहत की बात यह रही कि आग पूरे प्लांट में नहीं फैली और समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। जांच में यह आशंका जताई गई है कि वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हाइड्रोकार्बन का रिसाव हुआ, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

गैस रिसाव से भड़की आग

घटना वाले दिन अचानक गैस रिसाव के बाद आग भड़क उठी, लेकिन सुरक्षा प्रणाली सक्रिय होते ही तुरंत सीडीयू और पास की वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (वीडीयू) को अलग कर दिया गया। इसी त्वरित कार्रवाई के चलते आग एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही और बड़ी क्षति टल गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आग फैल जाती, तो हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता था।

मई के दूसरे पखवाड़े से शुरू होगा उत्पादन

कंपनी ने बताया कि प्रभावित हिस्सों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और अगले 3 से 4 सप्ताह में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद है कि सीडीयू यूनिट को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य सहायक इकाइयां पहले से ही कमीशनिंग के अंतिम चरण में हैं।

मई में ही उत्पादों का होगा परीक्षण

एचआरआरएल के अनुसार, मई 2026 के दौरान एलपीजी, पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और नैफ्था जैसे प्रमुख उत्पादों का परीक्षण उत्पादन भी शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी इकाइयों को स्थिर कर नियमित उत्पादन शुरू किया जाएगा।

एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी

गौरतलब है कि यह रिफाइनरी करीब 9 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली है और इसकी कुल परियोजना लागत लगभग 80 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें सीडीयू यूनिट सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां कच्चे तेल को अलग-अलग उत्पादों में विभाजित किया जाता है।

सुरक्षा मानकों पर फोकस

कंपनी ने एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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26 Apr 2026, 4:38 PM IST
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