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राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी की आग अब बुझ चुकी है, लेकिन उसके पीछे के कारणों का 'धुआं' गहराता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई इस भीषण आगजनी ने अब जांच एजेंसियों को एक नई और खतरनाक दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या यह महज एक तकनीकी खराबी थी या फिर सरहद पार से किया गया कोई 'साइबर हमला'? एजेंसियां अब रिफाइनरी के डिजिटल नर्वस सिस्टम को खंगाल रही हैं।
हाल ही में जांच एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय टीम ने पचपदरा रिफाइनरी के घटना स्थल का दौरा किया। टीम की मौजूदगी में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञों ने जले हुए मलबे, तार और कंट्रोल पैनल के नमूने लिए हैं।
रिफाइनरी को देश का सबसे आधुनिक और हाईटेक प्रोजेक्ट बताया गया था, जहाँ सब कुछ ऑटोमेटिक कंट्रोल यूनिट्स से संचालित होता है।
जांच का मुख्य केंद्र यह है कि यह घटना ठीक उसी समय क्यों हुई जब प्रधानमंत्री का दौरा प्रस्तावित था?
राजस्थान पुलिस के आला अधिकारी लगातार केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं। तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े हर छोटे पहलू की रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को भेजी जा रही है। बालोतरा और पचपदरा के आसपास के नेटवर्क टावरों का डेटा भी डंप किया जा रहा है ताकि संदिग्ध मोबाइल गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
Published on:
25 Apr 2026 11:04 am
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