जयपुर

Rajasthan Panchayat Election 2026 : राजस्थान के पंच-सरपंच चुनाव में बंपर वोटिंग, 83.05% मतदान के साथ बन गया नया रिकॉर्ड

State Election Commission Rajasthan |राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड 83.05% मतदान। बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति 93.03% के साथ अव्वल, पाली का रानी स्टेशन 57.63% के साथ सबसे पीछे।
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Updated: 25 Oct 2026, 11:09 AM IST
rajasthan panchayat chunav 2026 phase 1 final voting percentage 83 percent
एक मतदाता केंद्र पर वोट देने पहुंचे ग्रामीण - Patrika PIC

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तहत हो रहे आम चुनाव 2026 के पहले चरण में ग्रामीण मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लेते हुए मतदान का नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पंच और सरपंच पद के मतदान के अंतिम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 104 पंचायत समिति क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली 3,255 ग्राम पंचायतों में कुल 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में 10 में से 8 से भी अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया है।

पहले चरण के दौरान राज्य के कुल पंजीकृत 83,20,260 मतदाताओं में से 69,09,790 मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाले, जबकि 16,10,470 मतदाता वोट देने नहीं पहुंचे। पिछले पंचायती राज चुनावों के मुकाबले इस बार पहले चरण के मतदान प्रतिशत में लगभग 2 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। पिछले चुनावों में पहले चरण में 81.28 प्रतिशत वोट पड़े थे, जो इस बार बढ़कर 83.05 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने की घोषणा

सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक: जानिए कैसे बढ़ा मतदान का ग्राफ

वोटिंग के लिए लगी महिलाओं की कतार। फोटो: पत्रिका

24 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे से ही प्रदेश के 16 जिलों के ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें दिखाई देने लगी थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, ग्रामीण इलाकों में मतदान की रफ्तार भी तेजी पकड़ती चली गई। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चरणबद्ध आंकड़ों के अनुसार-

सुबह 10:00 बजे तक: केवल 19.40 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

दोपहर 1:00 बजे तक: धूप चढ़ने के साथ ही वोटिंग प्रतिशत उछलकर 44.97 प्रतिशत तक पहुंच गया।

दोपहर 3:00 बजे तक: मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ी और आंकड़ा 62.02 प्रतिशत दर्ज किया गया।

शाम 6:00 बजे तक: मतदान की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक मतदान प्रतिशत 80.22 प्रतिशत पर पहुंच चुका था।

अंतिम संकलित आंकड़े: शाम 6:00 बजे तक मतदान केंद्र परिसर में प्रवेश कर चुके कतारबद्ध मतदाताओं के वोट डलवाने के बाद जब अंतिम आंकड़े तैयार किए गए, तो इसमें 2.83 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हुई और कुल वोटिंग प्रतिशत 83.05 प्रतिशत तक पहुंच गया।

बाड़मेर का सेड़वा 93.03% वोटिंग के साथ अव्वल

राजस्थान में पहले चरण की वोटिंग। फोटो: पत्रिका

राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों की गहन समीक्षा से यह स्पष्ट होता है कि थार रेगिस्तान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने चुनाव को लेकर भारी उत्साह दिखाया। बाड़मेर जिले की पंचायत समितियों में मतदान प्रतिशत पूरे राज्य में सबसे अधिक और उल्लेखनीय दर्ज किया गया है।

प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बाड़मेर जिले की सेड़वा पंचायत समिति के नाम दर्ज हुआ, जहां रिकॉर्ड 93.03 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। दूसरे स्थान पर झालावाड़ जिले की मनोहरथाना पंचायत समिति रही, जहां 92.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद तीसरे और चौथे स्थान पर भी बाड़मेर का ही कब्जा रहा, जहां मांगटा पंचायत समिति में 91.91 प्रतिशत और लीलसर पंचायत समिति में 91.81 प्रतिशत बंपर वोटिंग हुई।

पाली और सिरोही में कम रहा उत्साह, 35.40 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर

राजस्थान में पहले चरण की वोटिंग। फोटो: पत्रिका

एक तरफ जहां बाड़मेर और हाड़ौती के इलाकों में मतदान को लेकर भारी होड़ मची रही, वहीं दूसरी तरफ मारवाड़ और गरासिया अंचल के पाली और सिरोही जिलों की कुछ पंचायत समितियों में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत काफी धीमी और कम दर्ज की गई।

आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सबसे कम मतदान पाली जिले की रानी स्टेशन पंचायत समिति में दर्ज हुआ, जहां केवल 57.63 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने वोट डाले। इसके बाद सिरोही जिले की कलंदरी पंचायत समिति 57.35 प्रतिशत मतदान के साथ दूसरे सबसे कम वोटिंग वाले क्षेत्र में शामिल रही। वहीं पाली जिले की मारवाड़ जंक्शन पंचायत समिति में 63.67 प्रतिशत और सुमेरपुर पंचायत समिति में 64.17 प्रतिशत ही वोट पड़ सके। राज्य में सर्वाधिक वोटिंग वाली सेड़वा पंचायत समिति (93.03%) और सबसे कम वोटिंग वाली रानी स्टेशन पंचायत समिति (57.63%) के बीच 35.40 प्रतिशत अंक का बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला।

शांतिपूर्ण मतदान के साथ पहला चरण संपन्न, अब दूसरे चरण पर नजरें

कुछेक स्थानों पर छिटपुट नोकझोंक और प्रशासनिक गतिरोध की घटनाओं को छोड़कर प्रदेश भर में पहले चरण की पंच-सरपंच चुनाव प्रक्रिया सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। मतपत्रों के जरिए हुए इस चुनाव में मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद स्थानीय केंद्रों पर ही मतों की गणना कर सरपंच और वार्ड पंचों के नतीजों का ऐलान कर दिया गया है।

पहले चरण के इस रिकॉर्ड मतदान और नतीजों के सामने आने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग और सभी राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान 30 अक्टूबर 2026 को होने वाले दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों पर केंद्रित हो गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 'गांव की सरकार' के गठन को लेकर बना यह उत्साह आगे के चरणों में भी देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है।

चीफ सेक्रेटरी वी श्रीनिवास ने दी बधाई

Updated on:
25 Oct 2026, 11:09 AM IST
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