
Rajasthan Panchayat Election : नगरीय निकायों व पंचायत चुनावों के मामले में राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। सरकार जल्द ही विशेष अनुमति याचिका दायर कर सकती है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसके संकेत देते हुए कहा कि इस संबंध में मंथन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय मांग सकती है। संभावना है कि सरकार सितंबर तक का समय देने का अनुरोध करे।
सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने को लेकर कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाएं निर्वाचन आयोग को करनी है।
झाबर सिंह खर्रा, स्वायत्त शासन मंत्री
राजस्थान हाई कोर्ट ने 22 मई को राजस्थान सरकार को पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को 31 जुलाई 2026 तक पूरा कराने की सख्त समय सीमा तय की है। उम्मीद की जा रही थी कि प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल फूंक दिया जाएगा। पर गौर करें तो जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के 13 दिन बीत गए हैं। पर चुनाव कराने की तेजी नहीं दिखाई दे रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए अभी तक कोई भी नया आधिकारिक परिपत्र या मार्गदर्शिका जारी नहीं की गई है।
दरअसल, इससे पूर्व में भी एक अदालती आदेश के अनुसार राजस्थान सरकार को हर हाल में 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने की कड़े निर्देश दिए गए थे। पर चुनाव नहीं हो सके।
राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव की घोषणा और वार्डों के पुनर्गठन की राह में सबसे बड़ा तकनीकी रोड़ा राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की अंतिम रिपोर्ट का लंबित होना है। नियमों के अनुसार, सीटों के आरक्षण का सही और नया खाका तैयार किए बिना चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव नहीं है।
वर्तमान में राज्य ओबीसी आयोग आरक्षण निर्धारण की इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की दिशा में दिन-रात काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अभी भी राजस्थान की 400 से अधिक ऐसी ग्राम पंचायतें और अन्य जरूरी स्थानीय निकाय क्षेत्र हैं, जहां से आयोग को महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय आंकड़े प्राप्त होना बाकी है। काम पूरा होने पर ओबीसी आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही रोटेशन के आधार पर ओबीसी वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय हो पाएगा।