Rajasthan : राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने पेट्रोल-डीजल, गैस एवं उर्वरक की अवैध भंडारण, रिफिलिंग और अनियमितता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नेचुरल गैस के लिए जिला कलक्टर को 24 घंटे में पाइपलाइन बिछाने की स्वीकृतियां जारी करने का आदेश दिया।
Rajasthan : सीएम भजनलाल शर्मा ने सोमवार देर रात राजस्थान में पेट्रोल-डीजल, गैस एवं उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी अवैध भंडारण, रिफिलिंग और अनियमितता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। सीएम ने कहा कि किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है। ऐसे में कालाबाजारी करने वालों को नहीं बख्शा जाए।
सीएम भजनलाल ने कहा कि सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जाए, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। सिटी गैस वितरण कंपनियां घरेलू पाइप नेचुरल गैस कनेक्शन देने में तेजी लाएं और हॉस्पिटल, होटल, रेस्टोरेंट जैसी वाणिज्यिक इकाइयों को नेचुरल गैस अपनाने के लिए प्रेरित करें।
सीएम भजनलाल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी जिला कलक्टर 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की लंबित स्वीकृतियों को जारी करें। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन संबंधी निर्देश जारी किए हैं। इस 10 प्रतिशत आवंटन का पूरा लाभ उठाना सुनिश्चित करें।
सीएम भजनलाल ने उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि एलपीजी एवं गैस संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 181, 112 और 14435 हेल्पलाइन नंबर चौबीस घंटे संचालित हैं। प्रदेश में कहीं भी कृत्रिम संकट, कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी स्थिति न पैदा हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने मुख्य सचिव को हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम भजनलाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, फूड प्रोसेसिंग एवं डेयरी इकाइयों, औद्योगिक कैंटीन और श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त एलपीजी आवंटन किया है। अधिकारी सुनिश्चित करें कि इस आपूर्ति का दुरुपयोग न हो।
सीएम भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए कि जमाखोरों, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त मॉनिटरिंग करते हुए कड़ी कार्रवाई करें, आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो और समस्या का त्वरित समाधान हो।
सीएम भजनलाल ने कहा कि यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में देश में 6 यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं, इससे सालाना 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की यूरिया प्रोडक्शन कैपेसिटी जुड़ी है।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।