Petrol Diesel Fraud: उपभोक्ताओं से हो रही थी लाखों की ठगी। प्रदेशभर में चला औचक निरीक्षण अभियान। उपभोक्ता विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 जिलों के पेट्रोल पंपों पर पकड़ी गई शॉर्ट डिलीवरी
Fuel Scam in Rajasthan: जयपुर. राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कम मात्रा देकर उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रदेशभर में चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर शॉर्ट डिलीवरी पकड़ी गई। विभाग ने 7 जिलों में कार्रवाई करते हुए 25 पेट्रोल पंपों के कुल 43 गड़बड़ नोज़ल सीज अथवा बंद कर दिए।
जांच में सामने आया कि कई पेट्रोल पंप हर 5 लीटर ईंधन पर 30 से 60 एमएल तक कम पेट्रोल और डीजल दे रहे थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह मामूली दिखने वाली कमी बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं को हर महीने लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रही थी।
सिरोही जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां 7 पेट्रोल पंपों के 9 नोज़ल बंद किए गए। रामपीर फिलिंग स्टेशन, पवन फिलिंग, करणी फ्यूल और अन्य पेट्रोल पंपों पर 40 से 50 एमएल तक शॉर्ट डिलीवरी मिली। यहां हर महीने करीब 90 से 360 लीटर तक कम ईंधन दिया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को लगभग 1.14 लाख रुपए की अनुमानित आर्थिक हानि हो रही थी।
अलवर जिले में सिंघल सर्विस स्टेशन और चौधरी सर्विस स्टेशन के 5 नोज़ल बंद किए गए। यहां 30 से 60 एमएल तक कम डिलीवरी पाई गई। विभाग के अनुसार केवल इन मामलों में ही हर महीने 648 लीटर तक कम ईंधन बेचा जा रहा था, जिससे करीब 91 हजार रुपए की अतिरिक्त वसूली हो रही थी।
नागौर जिले में 4 पेट्रोल पंपों के 11 नोज़ल जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि यहां हर महीने 54 से 378 लीटर तक कम पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा था। भीलवाड़ा, सीकर और पाली जिलों में भी कई पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ियां पकड़ी गईं और संबंधित नोज़ल बंद किए गए।
विभागीय आकलन के अनुसार चिन्हित मामलों में ही उपभोक्ताओं से हर महीने करीब 4 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है और इस प्रकार की निरीक्षण कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद पेट्रोल पंप संचालकों में भी नियमों के पालन को लेकर जवाबदेही बढ़ी है।