जयपुर

Rajasthan Police और SEBI की निवेशकों के लिए चेतावनी: साइबर ठगों से सावधान

SEBI advisory: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी मोबाइल ऐप्स और नकली यूपीआई हैंडल्स का उपयोग करके ये जालसाज सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के नाम पर फर्जी नोटिस और आकर्षक रिटर्न का लालच दे रहे हैं।
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Aug 07, 2025
Photo: Patrika Network
Photo: Patrika Network

Cyber Fraud: जयपुर. देशभर में इन दिनों साइबर ठग निवेशकों को निशाना बनाने के लिए रोज नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। साइबर ठगी का जाल बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी मोबाइल ऐप्स और नकली यूपीआई हैंडल्स का उपयोग करके ये जालसाज सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के नाम पर फर्जी नोटिस और आकर्षक रिटर्न का लालच दे रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए SEBI और राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने मिलकर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें निवेशकों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं।

ऐसे पहचानें फर्जीवाड़ा?

सेबी के अनुसार अगर आपको सेबी से कोई नोटिस या दस्तावेज़ मिलता है, तो उसे सीधे सच न मानें। उसकी प्रामाणिकता की जांच करना बेहद ज़रूरी है।

सेबी ने बताए कुछ आसान तरीके -

रिकवरी सर्टिफिकेट की जांच: SEBI की ओर से जारी किए गए हर "रिकवरी सर्टिफिकेट" को आप उनकी वेबसाइट पर "Home >; Enforcement >; Recovery Proceedings" सेक्शन में जाकर सत्यापित कर सकते हैं।

UDIN नंबर से पुष्टि

सेबी के हर आदेश में एक अद्वितीय दस्तावेज पहचान संख्या (UDIN) होती है। इसकी पुष्टि आप सेबी की वेबसाइट पर "Home >; Authenticate Document Number Issued by SEBI" में जाकर कर सकते हैं।

अधिकारियों के ईमेल और संपर्क

SEBI के अधिकारियों के आधिकारिक ईमेल पते हमेशा @sebi.gov.in पर समाप्त होते हैं। आप सेबी की वेबसाइट पर "Home >; About >; SEBI Directory" में जाकर उनके नाम, ईमेल आईडी और फोन नंबर की जांच कर सकते हैं।

साइबर ठगों से बचने के लिए सेबी ने निवेशकों को कुछ और भी जरूरी सलाह दी हैं:-

सुरक्षित UPI हैंडल: निवेश के लिए केवल रजिस्टर्ड बैंकों से जुड़े यूपीआई हैंडल, जैसे @valid (bank-name), का ही उपयोग करें।

व्हाइट लिस्टेड ऐप्स: केवल उन्हीं ब्रोकर ऐप्स का उपयोग करें जो सेबी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज पर प्रकाशित "Whitelisted Broker Apps" की सूची में शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर सावधानी: SEBI केवल अपने रजिस्टर्ड "X" हैंडल पर ही आधिकारिक जानकारी और सलाह देता है। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध विज्ञापनों से दूर रहें।अगर आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट की जा सकती है। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी सतर्कता से अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।

Updated on:
07 Aug 2025 02:15 pm
Published on:
07 Aug 2025 02:15 pm