
Jaipur Crime News: जयपुर में घर में घुसकर युवक को बंधक बनाकर करोड़ों के सोने-हीरे के जेवर व नकदी लूटने वाले नेपाली गिरोह का जवाहर सर्कल थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 10 हजार किलोमीटर पीछा कर यूपी-नेपाल बॉर्डर से तीन मददगारों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों तक पहुंचने के लिए टीम ने कई राज्यों में लगातार दबिश दी और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस को तकनीकी जांच के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज से भी अहम सुराग मिले।
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि 29 जुलाई को श्री विहार निवासी आशीष गुप्ता ने मामला दर्ज कराया था। पीड़ित दंपती के उत्तराखंड जाने के दौरान बदमाशों ने घर में घुसकर उनके बेटे राघव गुप्ता को बंधक बनाया। बदमाश 5 लाख रुपए नकद, 2 महंगी घड़ियां, सोने-हीरे की 12 अंगूठियां, 8 ब्रेसलेट, 6 पेंडेंट, सोने की 2 गिन्नी और चांदी के सिक्के लूटकर फरार हो गए थे। वारदात के बाद बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदले। पुलिस ने लूटे गए सामान और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
थानाधिकारी महेश चन्द्र ने बताया कि पुलिस टीम ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए दिल्ली, मुरादाबाद, बहराइच और नेपाल बॉर्डर तक पीछा किया। पुलिस ने बहराइच (यूपी) निवासी सतवीर सिंह (28), मनबहादुर (20) और प्रदीप कुमार यादव (24) को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त कार जब्त की है। फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों की आवाजाही का रूट तैयार किया और इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर उनकी तलाश की गई। करीब 10 हजार किलोमीटर की इस लंबी पड़ताल के बाद पुलिस टीम यूपी-नेपाल सीमा क्षेत्र तक पहुंची।
यह गैंग वारदात से 15-20 दिन पहले काम मांगने के बहाने इलाके में आकर नौकरों-चौकीदारों से मकान और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाता था। आरोपी रुकने और छिपने के लिए फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे और वारदात के बाद अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात करने वालों का पता लगाने में जुटी है।