जयपुर

राजस्थान पुलिस का अलर्ट: चुनाव में सावधान! डिजिटल वोटिंग और डीपफेक से हो रही साइबर ठगी

Election awareness: ‘वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने’ और ‘पार्टी सदस्यता’ के नाम पर भी हो रही ठगी। पुलिस का कहना है कि चुनाव का माहौल है, सतर्क रहें।
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Updated: 5 Sep 2026, 12:56 PM IST
Fake Link Deepfake Fraud
Photo AI Generate Fake Link Deepfake Fraud

चुनावी माहौल में राजस्थान पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने की महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। राजस्थान पुलिस ने आधिकारिक हैंडल के जरिए आमजन को ने चेतावनी दी है कि ‘डिजिटल वोटिंग’, ‘वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने’ या ‘पार्टी सदस्यता’ के नाम पर फर्जी लिंक, डीपफेक वीडियो और भ्रामक संदेशों का इस्तेमाल कर साइबर अपराधी लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।

साइबर फ्रॉड, जिसमें AI की अहम भूमिका

यह साफ तौर पर साइबर फ्रॉड है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, खासकर डीपफेक तकनीक के जरिए।

डिजिटल वोटिंग और फर्जी लिंक का खतरा

चुनाव के दौरान अपराधी WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज भेजते हैं जिनमें कहा जाता है कि “अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करें”, “डिजिटल वोटिंग के लिए यहां क्लिक करें” या “पार्टी सदस्यता के लिए लिंक पर जाएं”। ये लिंक फर्जी होते हैं। जैसे ही व्यक्ति उस पर क्लिक करता है, उसका फोन मालवेयर से संक्रमित हो सकता है या फिशिंग पेज खुल जाता है जहां OTP, बैंक डिटेल्स या आधार नंबर मांगे जाते हैं। कई बार ये लिंक असली सरकारी वेबसाइट जैसे लगते हैं, लेकिन असल में डेटा चोरी का जाल होते हैं। राजस्थान पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

डीपफेक वीडियो और AI की भूमिका

यहां AI का रोल सबसे खतरनाक है। साइबर अपराधी डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर नेताओं, अधिकारियों या मशहूर हस्तियों के नकली वीडियो बना रहे हैं। इनमें कोई नेता या अधिकारी बोलते नजर आते हैं कि “वोटर लिस्ट अपडेट करवाएं” या “इस लिंक से वोट डालें”। ये वीडियो इतने रियल लगते हैं कि आम आदमी आसानी से विश्वास कर लेता है। डीपफेक AI टूल्स से बनाए जाते हैं, जिनमें फेस स्वैप, वॉइस क्लोनिंग और लिप-सिंक तकनीक इस्तेमाल होती है। राजस्थान पुलिस की चेतावनी में साफ तौर पर डीपफेक वीडियो का जिक्र है, जो बताता है कि यह सिर्फ सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि AI-सक्षम आधुनिक ठगी है। पहले भी पुलिस ने अमिताभ बच्चन जैसे सेलिब्रिटीज के फर्जी वीडियो से इन्वेस्टमेंट स्कैम के मामले में अलर्ट जारी किया था।

पुलिस ने तीन मुख्य सावधानियां बताई हैं

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • अपना OTP, बैंक PIN या कोई भी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
  • सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज की सत्यता जांचे बिना उसे शेयर न करें।

ठगी होने पर यहां संपर्क करें

अगर फिर भी कोई ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9256001930, 9257510100 या 1930 पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप ही विश्वसनीय स्रोत हैं। किसी भी जानकारी के लिए उन्हीं पर निर्भर रहें। राजस्थान पुलिस का यह अलर्ट समय की मांग है।

AI ने अपराधियों को और ताकतवर बना दिया है

चुनावी मौसम में फेक न्यूज और साइबर ठगी दोनों बढ़ जाती हैं। AI तकनीक ने अपराधियों को और ताकतवर बना दिया है, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। नागरिकों से अपील है कि सतर्क रहें, परिवार और दोस्तों को भी बताएं। याद रखें - कोई भी सरकारी एजेंसी OTP या बैंक डिटेल्स नहीं मांगती। थोड़ी सी सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

Updated on:
5 Sep 2026, 12:56 PM IST
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