जयपुर

राजस्थान पुलिस के जवानों का हुआ हेल्थ सर्वे, सामने आ गए ये चौंकाने वाले नतीजे

Rajasthan Police News : नफरी की कमी और काम के बढ़ते बोझ के कारण पुलिस कमिश्नेरट के सैकड़ों जवान अलग-अलग रोगों के शिकार हो रहे हैं। कमिश्नरेट की ओर से पुलिसकर्मियों के लिए संचालित मेडिकल हेल्थ शिविर में यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
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Mar 05, 2024
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Jaipur News : नफरी की कमी और काम के बढ़ते बोझ के कारण पुलिस कमिश्नेरट के सैकड़ों जवान अलग-अलग रोगों के शिकार हो रहे हैं। कमिश्नरेट की ओर से पुलिसकर्मियों के लिए संचालित मेडिकल हेल्थ शिविर में यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जनवरी से फरवरी तक स्वास्थ्य जांच शिविर में थानों में तैनात 2500 पुलिसकर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पुलिसकर्मी सबसे ज्यादा स्ट्रेस के शिकार हैं। अधिकतर मामले हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर (बीपी), डायबिटीज के सामने आए हैं। लम्बे समय तक काम और हार्ड ड्यूटी के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। छुट्टी नहीं मिलने को भी तनाव का बड़ा कारण माना जा रहा है।


पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के लिए पुलिस मुख्यालय में जिम भी बना हुआ है। यादगार में भी पुलिसकर्मियों के लिए जिम बनाया गया है। रात को ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी सुबह जाने से पहले जिम का इस्तेमाल करते हैं। डीसीपी (ट्रैफिक) सागर ने बताया कि पुलिसकर्मी जिम का फिटनेस के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि कई पुलिसकर्मियों ने बताया कि समय अभाव के कारण वे व्यायाम नहीं कर पाते।


पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों के लिए बनाए टॉयलेट में गंदगी रहती है। इनकी न तो अच्छे से सफाई हो रही है और न ही टूटे नलों पर किसी का ध्यान जा रहा है। हमेशा बदबू आती रहती है। दुर्गंध से भी पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। यही हाल यादगार और अन्य जगहों का भी है।


पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लंबी होने से उन्हें सोने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इससे उनके रहन-सहन, खान-पान पर भी असर पड़ रहा है। कई बार तो रात भर जागने के बाद उन्हें सुबह ड्यूटी पर बुला लिया जाता है। इससे उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ रहा है। तनाव की यह भी एक वजह है। चांदपोल स्थित पुलिस लाइन डिस्पेंसरी के उपनिदेशक डॉ. गिर्राज शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में जिन पुलिसकर्मियों का ब्लड प्रेशर ज्यादा पाया गया उन्हें डाइट और लाइफ स्टाइल में बदलाव की सलाह दी गई। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।


स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से सबसे ज्यादा प्रभावित सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआइ) हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कांस्टेबल से लेकर एएसआइ बनने तक उम्र काफी हो जाती है। अनुसंधान के अलावा थाने की कई अन्य जिम्मेदारियां भी आ जाती हैं। ऐसे में पद और उम्र का भार उन्हें बीमार करने लगता है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी का अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होना उसे और अधिक बीमार बना रहा है।


पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश का रास्ता खुला था। पुलिसकर्मियों को पायलट बेसिस पर जनवरी के प्रथम पखवाड़े में साप्ताहिक अवकाश शुरू किया गया था। अजमेर के गेगल थाने से इसकी शुरुआत की गई थी। सफलता के बाद इसे अजमेर जिले और फिर पूरे प्रदेश में लागू किया जाना था। लेकिन यह प्रोजेक्ट भी खटाई में पड़ता दिख रहा है।

Published on:
05 Mar 2024 10:53 am