जयपुर

राजस्थान पुलिस की चेतावनी: सोशल मीडिया पर लाइक्स की होड़ में अपने बच्चों की सुरक्षा दांव पर न लगाएं

Child Safety: सोशल मीडिया पर बच्चों की फोटो डालना खतरे को न्योता देना है। शेयर की गई तस्वीरें बाल सुरक्षा के लिए Cyber Morphing जैसे गंभीर खतरे पैदा कर सकती हैं। अपराधी सोशल मीडिया से किसी व्यक्ति की तस्वीर डाउनलोड करते हैं। एडिटिंग टूल्स की सहायता से चेहरे को काटकर किसी अश्लील या फर्जी फोटो-वीडियो में जोड़ दिया जाता है। उस फोटो को इस तरह मिलाया जाता है कि आम आदमी को वह तस्वीर बिल्कुल असली लगे।
3 min read
• •
Updated: 27 Oct 2026, 1:38 PM IST
Online-Safety-Protect-Children.-AI-Image.
Online-Safety-Protect-Children.-AI-Image.

डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा अब सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया के खुले मंच पर भी यह उतनी ही जरूरी हो गई है। राजस्थान पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म, आईडी कार्ड, रोजाना जाने वाले रास्ते या लाइव लोकेशन वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। पुलिस का कहना है कि यह जानबूझकर या अनजाने में साइबर अपराधियों और असामाजिक तत्वों को न्योता देने जैसा हो सकता है। ध्यान रखें आपकी ओर से शेयर की गई तस्वीरें बाल सुरक्षा के लिए Cyber Morphing जैसे गंभीर खतरे पैदा कर सकती हैं।

साइबर मॉर्फिंग कैसे काम करती है?

अपराधी सोशल मीडिया (जैसे Instagram, Facebook) से किसी व्यक्ति की सामान्य या सार्वजनिक तस्वीर डाउनलोड करते हैं। एडिटिंग टूल्स की सहायता से चेहरे को काटकर किसी अश्लील या फर्जी फोटो-वीडियो में जोड़ दिया जाता है। लाइटिंग, रंग और किनारों को इस तरह मिलाया जाता है कि आम आदमी को वह तस्वीर बिल्कुल असली लगे।

साइबर मॉर्फिंग के मुख्य खतरे

• ब्लैकमेलिंग : मॉर्फ की हुई अश्लील तस्वीरें दिखाकर पीड़ितों से पैसे की मांग करना या उन्हें डराना-धमकाना।

• सेक्स्टॉर्शन : पैसों या अश्लील सामग्री के लिए दबाव बनाना।• प्रतिष्ठा को नुकसान: समाज में गलत छवि पेश करना और मानसिक तनाव देना।

• फर्जी प्रोफाइल: आपके नाम से गलत या धोखाधड़ी वाले अकाउंट बनाकर दूसरों को ठगना।

रुकें, प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें और लोकेशन टैग जरूर हटाएं

राजस्थान पुलिस के आधिकारिक हैंडल पर जारी पोस्ट में साफ कहा गया है कि ‘लाइक्स’ और ‘कमेंट्स’ की होड़ में बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी और सुरक्षा को दांव पर न लगाएं। तस्वीरें पोस्ट करने से पहले थोड़ा रुकें, प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें और लोकेशन टैग जरूर हटाएं। थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता बच्चे का भविष्य सुरक्षित रख सकती है।

संदेहास्पद स्थिति में घबराएं नहीं

पुलिस ने याद दिलाया कि संदेहास्पद स्थिति में घबराएं नहीं। तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। WhatsApp नंबर 9256001930, 9257510100 या आधिकारिक पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राजस्थान पुलिस का संदेश साफ है - आइए मिलकर राज्य के हर बच्चे के लिए सुरक्षित माहौल बनाएं।

इसलिए खतरनाक है स्कूल यूनिफॉर्म और आईडी वाली फोटो

स्कूल यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड से बच्चे का स्कूल, क्लास और पहचान आसानी से पता चल जाती है। रास्ते और लाइव लोकेशन से अपराधी उसके मूवमेंट ट्रैक कर सकते हैं। इससे स्टॉकिंग, अपहरण या ऑनलाइन उत्पीड़न का खतरा बढ़ जाता है।

सोशल मीडिया पर ये सावधानियां बरतें

  • तस्वीर पोस्ट करने से पहले प्राइवेसी सेटिंग्स प्राइवेट रखें।
  • लोकेशन टैग हमेशा बंद करें।
  • अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
  • बच्चों के अकाउंट पर नियमित नजर रखें।
  • कोई संदिग्ध मैसेज आए तो तुरंत रिपोर्ट करें।

राजस्थान में ऐसे मामले आए सामने

राजस्थान में सोशल मीडिया फोटो के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए हैं। एआई डीपफेक तकनीक से वर्चुअल किडनैपिंग स्कैम में परिवारों की फोटो इस्तेमाल कर फिरौती मांगी गई। कई नाबालिग लड़कियां सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के संपर्क में आने के बाद लापता हुईं। जयपुर, जोधपुर सहित कई जिलों में साइबर क्राइम पोर्टल पर ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस ने सीएसएएम (बाल यौन शोषण सामग्री) के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें हजारों नंबर और अकाउंट ब्लॉक किए गए।

तुरंत मदद के लिए ये नंबर याद रखें

  • चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
  • साइबर हेल्पलाइन: 1930
  • WhatsApp: 9256001930 / 9257510100
  • इमरजेंसी: 112
  • शिकायत पोर्टल: cybercrime.gov.in

बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सावधानी का क्षेत्र भी है। राजस्थान पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है ताकि माता-पिता और बच्चे दोनों सतर्क रहें। थोड़ी सी सावधानी कई बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती है। याद रखें- आपकी सतर्कता ही बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

Updated on:
27 Oct 2026, 1:38 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Arnab Cyclone in Rajasthan: काउंटडाउन शुरू- राजस्थान में भी दिखेगा साइक्लोन अर्नब का असर, जानिए कहां होगी झमाझम बारिश- कहां चलेगी आंधी?

राजस्थान के नए वन प्रमुख की रेस में PK उपाध्याय को झटका! नियुक्ति से पहले ACB में शिकायत, राजगढ़ वन घोटाले से जुड़ा मामला

पति के होते हुए दोस्त के लिए रखा करवा चौथ का व्रत, उसी के नाम की लगाई मेहंदी; जयपुर कोर्ट ने 13 साल पुरानी शादी की खत्म

Patrika Expose: राजस्थान में ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा का दुरुपयोग, आवेदकों की जगह एजेंट दे रहे टेस्ट

Rajasthan Police: राजस्थान पुलिस की बहादुरी के एक सप्ताह के भीतर 5 बड़े किस्से, DGP से लेकर हर कोई कर रहा सलाम