Rajasthan Politics: राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों का आलाकमान की ओर से बुलाई गई विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले में नोटिस झेलने वाले तीनों नेताओं के जवाब कांग्रेस अनुशासन कार्रवाई समिति को मिल गए हैं।
जयपुर/नई दिल्ली/पत्रिका न्यूज नेटवर्क। Rajasthan Politics: राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों का आलाकमान की ओर से बुलाई गई विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले में नोटिस झेलने वाले तीनों नेताओं के जवाब कांग्रेस अनुशासन कार्रवाई समिति को मिल गए हैं। तीनों नेताओं ने अपने जवाब में समूचे घटनाक्रम को लेकर सफाई दी है, लेकिन साथ ही माफी मांगते हुए आलाकमान को सर्वोपरि बताते हुए यह भी कहा है कि आलाकमान का हर फैसला मंजूर है। सोनिया गांधी के सम्मुख सीएम अशोक गहलोत पहले ही समूचे घटनाक्रम के लिए माफी मांग चुके हैं।
सोनिया गांधी ने जताई थी गहरी नाराजगी
कांग्रेस की अनुशासन कार्रवाई समिति तीनों नेताओं, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री व सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ के जवाब पर अब कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही विचार करेगी। इसलिए इनको लेकर फैसला भी फिलहाल टल गया है। आलाकमान की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षकों को गत विधायक दल की बैठक के बहिष्कार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीएम अशोक गहलोत के सामने गहरी नाराजगी जताई थी।
यह भी पढ़ें : लगे नारे, सीएम की कुर्सी ले उड़े, सचिन पायलट ले उड़े...
क्या आलाकमान पर भी भरोसा नहीं!
पर्यवेक्षकों को 25 सितम्बर को बैरंग लौटना पड़ा था क्योंकि धारीवाल के निवास पर समानांतर बैठक कर विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी के निवास पर इस्तीफे देने पहुंच गए थे। बाद में गहलोत से दिल्ली में मुलाकात के दौरान सोनिया ने इस पर नाराजगी जताई थी। सोनिया ने यहां तक कह दिया था कि क्या गहलोत को उन पर भी भरोसा नहीं है? इसके बाद गहलोत ने सोनिया से माफी मांगी थी।