Rajasthan Politics : राजस्थान की बड़ी पार्टियों कांग्रेस व भाजपा में ‘5’ का खेल चल रहा है। भाजपा में पांच जिलों की कार्यकारिणी पर ‘सियासत’ हो रही है तो कांग्रेस में पांच जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां अटकी हुई हैं।
Rajasthan Politics : भाजपा ने जिला अध्यक्षों सहित जिला कार्यकारिणियां तो घोषित कर दीं, लेकिन दिग्गजों के क्षेत्र में पार्टी अभी तक जिला कार्यकारिणी नहीं बना सकी है। सीएम, डिप्टी सीएम और पूर्व सीएम के क्षेत्र के नेता अभी भी जिला संगठन में एडजस्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में पार्टी के 44 जिला संगठन हैं, लेकिन पांच जिला संगठनों में पार्टी जिला कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाई है।
इसमें सबसे चर्चित जयपुर शहर और झालावाड़ है। जयपुर शहर में 7 विधानसभा और 3 विधानसभा के आंशिक क्षेत्र आते हैं। प्रदेश के सीएम भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दिया कुमारी के विधानसभा क्षेत्र भी जयपुर शहर संगठन के क्षेत्र में ही आते हैं।
इसी तरह झालावाड़ जिला पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का क्षेत्र है। ऐसे में इन जिलों की कार्यकारिणी घोषित नहीं होना सबसे बड़ा सियासी चर्चा का कारण बना हुआ है। इनके अलावा पार्टी बारां, धौलपुर और झुंझुनूं जिला संगठन की कार्यकारिणी भी घोषित नहीं कर पाई है। बारां में जिला अध्यक्ष ने कार्यकारिणी घोषित कर दी थी, लेकिन प्रदेश संगठन ने उस पर रोक लगा दी।
प्रदेश कांग्रेस संगठन के 50 जिलों में से अब तक 45 जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन पांच जिलों में अभी तक नियुक्तियां अटकी हुई हैं। वहीं 45 जिलों में नए अध्यक्ष बन चुके हैं, लेकिन जिला कार्यकारिणी की गठन को लेकर अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
एआइसीसी को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन जयपुर शहर, राजसमंद, प्रतापगढ़, बारां और झालावाड़ में अध्यक्षों के नाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं।