Rajasthan Politics Ashok Gehlot Sachin Pilot Issue Latest Update : राजस्थान कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल, गहलोत-पायलट गतिरोध सुलझाने की कवायद, दोनों नेताओं से अलग-अलग मिलेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे, 'मिशन राजस्थान' के बीच क्या दूर होगा गतिरोध?
जयपुर।
राजस्थान कांग्रेस का 'डैमेज कंट्रोल' आज दिल्ली में होगा। दरअसल, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज नई दिल्ली में बैठकर प्रदेश इकाई में नेताओं के बीच अंदरूनी कलह को सुलझाएंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट जैसे दो शीर्ष नेताओं के बीच गतिरोध को सुलझाने की चुनौती खड़गे के ज़िम्मे रहेगी। यही वजह है कि आज इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है।
आमने-सामने नहीं, अलग-अलग वार्ता
अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज गहलोत-पायलट को साथ बैठाकर नहीं, बल्कि अलग-अलग मुलाक़ात करके उन्हें सुनेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित बैठक में जहां गहलोत पायलट खेमे की सरकार और पार्टी विरोधी गतिविधियों का ब्यौरा पेश करेंगे तो वहीं पायलट अपनी ही सरकार से प्रमुखता से उठाई जा रही तीन मांगों को मजबूती के साथ रखेंगे। गौरतलब है कि सचिन पायलट ने अपनी तीन मांगों को लेकर गहलोत सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है जो कल 30 मई को ख़त्म हो रहा है।
क्या सफल हो पाएगा आलाकमान?
कांग्रेस आलाकमान के सामने राजस्थान में गहलोत-पायलट गतिरोध को दूर करना आसान नहीं है। दोनों नेताओं के बीच की अदावत इस वक्त परवान पर है। पायलट का कुछ मांगों को लेकर गहलोत सरकार को दिया अल्टीमेटम पीरड भी अब ख़त्म हो रहा है। इस ख़त्म हो रही अवधि से ऐन पहले बैठक में सुलह को लेकर कोई हल निकलेगा या नहीं, ये देखना दिलचस्प रहेगा। हालांकि इस मिशन में सफल हो पाना आलाकमान के लिए मुश्किलों भरा और चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
राहुल-सोनिया से मुलाक़ात भी संभव
कर्नाटक चुनाव जीत के बाद जिस तरह से सिद्धारमैया-शिवकुमार गतिरोध दूर करने में राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के अलावा सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान का मसला सुझाने के लिए कोई फॉर्मूला निकालने में भी इन तीनों नेताओं की भूमिका अहम होगी।
राजस्थान भवन का शिलान्यास भी आज
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज ही अपने दिल्ली दौरे में शाम 5:30 बजे राजस्थान भवन के नए भवन का शिलान्यास करेंगे। शिलान्यास को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नया भवन पूर्णता राजस्थानी संस्कृति पर आधारित होगा। नया राजस्थान भवन एक वर्ष में बनकर तैयार होगा।