
जयपुर. Rajasthan Politics: नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सचिन पायलट की सभा में मंत्रियों के आरोपों पर कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस के जनघोषणा पत्र में किए गए जीरो डिस्क्रिएशन, जीरो करप्शन और जीरो टोलरेंस के वादे की हकीकत उनके मंत्री स्वयं बता रहे हैं। कांग्रेस सरकार में ही मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने सार्वजनिक मंच से अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर जो आरोप लगाए हैं वो अत्यन्त गंभीर है, इसकी निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 164(2) के अनुसार मंत्रिमंडल सामूहिक उत्तरदायित्व के आधार पर काम करता है और एक मंत्री का बयान पूरे मंत्रिमंडल यानी सरकार का माना जाता है। मंत्री के बयान से एक बार फिर से सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पूरक हैं।
इंडिया करप्शन सर्वे, ट्रेस रिश्वत जोखिम मैट्रिक्स व ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वे में भी राजस्थान को देश का सर्वाधिक भ्रष्ट प्रदेश माना गया, जहां बिना रिश्वत के कोई फाइल आगे नहीं जाती। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विपक्ष पर नहीं तो कम से कम अपने मंत्रिमंडल के साथियों की बात पर तो भरोसा करना चाहिए।