
जयपुर। चुनावी मैदान में जिस चेहरे के सामने पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी खड़ा था, चुनाव बाद वही चेहरा भाजपा की कतार में शामिल हो गया। जयपुर नगर निगम के वार्ड 108 की निर्दलीय निर्वाचित पार्षद संगीता शर्मा मूर्तिकार ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की तो देर रात वार्ड 108 से पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी पारीक का दर्द वीडियो बनकर बाहर आ गया।
मीनाक्षी ने संगठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाल्यकाल से संघ और भाजपा के लिए काम करने, टिकट मिलने और चुनाव में कथित भितरघात झेलने के बाद भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में ईमानदारी से कार्यकर्ता बने रहना आखिर किस काम का?
हालांकि पार्टी की ओर से निकाय चुनाव के दौरान निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों के निष्काषन की सूची में संगीता का नाम नहीं था। निर्दलीय संगीता के पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के दौरान वार्ड 110 से भाजपा के टिकट पर चुनाव हारीं पूर्व महापौर ज्योति खण्डेलवाल भी मौजूद थीं।
इधर, वार्ड 108 से भाजपा प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी पारीक ने निर्दलीय निर्वाचित पार्षद संगीता शर्मा मूर्तिकार को भाजपा में शामिल किए जाने के विरोध में देर रात पार्टी मुख्यालय पर धरना दिया। पारीक ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष आपत्ति जताते हुए इस फैसले पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने संगीता शर्मा को पार्टी से निकालने की गुहार लगाई।
मीनाक्षी ने दावा किया कि उन्होंने समय रहते संगठन के स्तर पर भितरघात की जानकारी भी दी थी। साथ ही आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने संगठन को जानकारी दी थी, उन्हीं परिस्थितियों से जुड़े एक निर्दलीय चेहरे को अब पार्टी की मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे ईमानदारी से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं में असंतोष और भ्रम पैदा हो रहा है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि इस घटनाक्रम के बाद उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर विरोध और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है और वे खुद को बेसहारा महसूस कर रही हैं।