कुंआरों की बढ़ती तादाद से हिल गई सरकार, अब गांव-गांव में शादियों का दौर। अब क्यों बज रहे हैं बैंड-बाजे ?
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में वैर विधायक बहादुर सिंह ने खुलासा किया कि पिछले पांच साल में राजस्थान सहित भरतपुर जिले में कुंआरों की संख्या बहुत बढ़ गई थी। बैंड-बाजे व मैरिज हॉल वाले भूखे मरने लग गए थे। लेकिन जैसे ही भजनलाल शर्मा की सरकार बनी है कि अब एक-एक गांव में दस-दस बैंड बाजे बजे रहे हैं।
विधानसभा में गुरुवार को बजट पर बोलते हुए वैर विधायक बहादुर सिंह कोली ने कहा कि पिछली सरकार में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं किया। मैं दो बार सांसद व तीसरी बार विधायक चुना गया हूं। मेरे क्षेत्र में रोड बनाई गई। दो महीने में बिखर गई। कांग्रेस सरकार ने भरपूर भ्रष्टाचार किए थे। बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता था। अब प्रशासन सख्ती में आया है। अब पूरे राजस्थान में काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार थी जो कोई भी पेपर होता, यानी पेपर होने से पहले ही लीक हो जाता था। हमारी सरकार आई उसके बाद से कोई पेपर लीक नहीं हुआ।
विधायक आगे बोले, पिछली सरकार के दौरान "पूरे राजस्थान में विशेषतौर से भरतपुर में डोल वाले, बाजे वाले भूखे मरने लग गए थे। क्योंकि कई लडक़े आस में बैठे थे, हमारी नौकरी लगेगी। हमारी शादी होगी। लेकिन वे ओवरएज हो गए। और वे कुंआरे ही रह गए। उन बेचारों का ब्याह ही नहीं हुआ।
लेकिन अब भरतपुर में शादियां हो रही हैं। हमारी सरकार बनने के बाद गांवों में शादियां हो रही हैं। एक-एक गांव में दस-दस बैंड बाजे बजते नजर आते हैं। आज युवा भजनलाल सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं। भाजपा की सरकार आने के बाद दुबारा से ढोल-नगाड़े बजने लग गए। मैरिज हॉल में सन्नाटा छाने लग गया था। वे भी भूखे मरने लग गए थे। नौकरी मिली नहीं। शादियां हुई है। हमारे यहां तो पहले ही कुंआरे बहुत हैं। इसके बाद पिछले पांच में कुंआरों की संख्या और बढ़ गई थी। लेकिन अब भरतपुर ही नहीं पूरे राजस्थान में शादियां होने लग गई हैं।"
विधायक कोली बोले, "भरतपुर में जाटों के चार गांव हैं। एक गांव मेरे वैर विधानसभा क्षेत्र में आता है पथैना। यह बहुत पुराना गांव है। जब राजा-महाराजाओं का राज हुआ करता था। तब गांव पथैना ने राजा-महाराजाओं को लगान देने से मना कर दिया था। गांव वाले अपने ही हथियारों से राजाओं की फौज से लड़े थे। जो गांव लगान नहीं दे सकता राजा-महाराजाओं को उनकी मांग है कि गांव पथैना को उपतहसील बनाया जाए। नहीं तो वे हमें भी वोट नहीं देंगे। वे सिनसिनवार जाट हैं। क्योंकि उन्होंने राजा-महाराजाओं को लगान नहीं दिया तो वे हमें भी नहीं छोडेंगे।"