जयपुर

Energy Conservation: बड़े भवनों के लिए नई ऊर्जा संहिता लागू होगी, 31 मई तक आप भी दे सकते हैं सुझाव

EV Charging Infrastructure: राजस्थान में सस्टेनेबल बिल्डिंग को बढ़ावा: RECSBC ड्राफ्ट पर मांगे सुझाव। EV चार्जिंग और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: RECSBC से बदलेगा बिल्डिंग सेक्टर।

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May 02, 2026
Energy Conservation
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Green Building Code: जयपुर. राज्य में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) ने राजस्थान ऊर्जा संरक्षण एवं सस्टेनेबल भवन संहिता (RECSBC) और इसके नियमों का प्रारूप जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट पर भवन विशेषज्ञों, डेवलपर्स, सलाहकारों और आम नागरिकों से 31 मई 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

यह नई संहिता राज्य में वर्तमान में लागू राजस्थान ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (RECBC) का स्थान लेगी। इसका उद्देश्य व्यवसायिक भवनों में ऊर्जा दक्षता के न्यूनतम मानकों को सुनिश्चित करना और ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा को बढ़ावा देना है।

प्रस्तावित RECSBC के तहत वे सभी व्यवसायिक भवन शामिल होंगे जिनका कनेक्टेड लोड 100 किलोवॉट या उससे अधिक, या कॉन्ट्रैक्ट डिमांड 120 किलोवॉट या उससे अधिक, या फिर निर्मित क्षेत्र 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है। इस संहिता में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं।

विशेष रूप से,भवनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग के लिए कम से कम 20 प्रतिशत प्रावधान अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, न्यूनतम नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को अनुबंधित मांग का 4 प्रतिशत रखने का सुझाव दिया गया है, जिससे सौर ऊर्जा और अन्य ग्रीन स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा।

अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए RECSBC में प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके तहत “RECSBC Plus” श्रेणी के भवनों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त बिल्टअप एरिया रेशो (BAR) और “Super RECSBC” भवनों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त BAR का लाभ दिया जाएगा। यह प्रावधान डेवलपर्स को ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल भवन बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह नई संहिता न केवल ऊर्जा बचत को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, शहरी विकास और आर्थिक लाभ के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इच्छुक हितधारक विस्तृत दस्तावेज देखने और अपने सुझाव देने के लिए RRECL की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

Published on:
02 May 2026 02:51 pm