19 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: बिना रुके कटेगा टोल, दौलतपुरा बना राजस्थान का पहला बूथलेस प्लाजा, 40 अत्याधुनिक कैमरों से निगरानी

Rajasthan first boothless plaza: जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा अब राजस्थान का पहला बूथलेस टोल बन गया है। नई डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद वाहन बिना रुके गुजरेंगे और टोल राशि स्वतः फास्टैग से कटेगी।

2 min read
Google source verification
Daulatpura Toll Plaza

टोल से गुजरते वाहन। फोटो- पत्रिका

दौलतपुरा। जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर शुक्रवार इतिहास रचा गया। यहां मल्टीलेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) प्रणाली लागू हुई और दौलतपुरा टोल प्लाजा राजस्थान का पहला और देश का तीसरा बूथलेस टोल प्लाजा बन गया। अब वाहन चालकों को टोल बूथ पर रुकने या गति कम करने की ज़रूरत नहीं होगी। अब फास्टैग से राशि स्वतः कटेगी और कैमरे हर वाहन की गतिविधि पर नजर रखेंगे। अधिकारियों के अनुसार यदि फास्टैग निष्क्रिय है या बैलेंस नहीं है तो एआई कैमरे नंबर प्लेट स्कैन कर जानकारी दर्ज करेंगे और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।

यह वीडियो भी देखें

लंबी कतारों से राहत मिलेगी

ऑपरेशन कंपनी के सीईओ श्रीनिवास प्रभाकर राव, एनएचएआइ सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुज शर्मा, एयरटेल प्रबंधक विक्रांत यादव ने बताया कि नई प्रणाली में टोल प्लाजा से पहले लगाए गए अत्याधुनिक कैमरे और सेंसर वाहनों के फास्टैग को पढ़कर स्वचालित रूप से टोल वसूली करेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी। यात्रा का समय भी बचेगा। इस प्रणाली के लागू होने के साथ ही पारंपरिक टोल बूथ निष्क्रिय हो गए हैं। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।

प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद

उन्होंने बताया कि यदि किसी वाहन का फास्टैग सक्रिय नहीं है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पहचान कर संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। ऐसे मामलों में नियमानुसार टोल वसूली या कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से यातायात सुगम होने के साथ ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे पहले 1 बजकर 55 मिनट पर दिल्ली से जयपुर व जयपुर से दिल्ली जाने वाली लेन पर वाहनों को रोका गया ओर 2 बजते ही वाहनों छोड़ा गया। यहां दौलतपुरा टोल प्लाजा पर करीब 15 से 20 हजार वाहन गुजरते हैं। इस दौरान थाना प्रभारी सुनील गोदारा, परिवहन विभाग की प्रवर्तन अधिकारी शकीला बानो, बिजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

अब नहीं चलेगी सिफारिश

बूथलेस प्रणाली लागू होने के बाद टोल वसूली पूरी तरह तकनीक आधारित हो गई है। ऐसे में किसी प्रकार की व्यक्तिगत सिफारिश, दबाव या स्थानीय प्रभाव की गुंजाइश नहीं रहेगी। केवल एनएचएआइ के गजट में निर्धारित श्रेणी के वाहनों और व्यक्तियों को ही नियमों के अनुसार टोल शुल्क में छूट मिलेगी।

प्रदेश का पहला टोल प्लाजा

बूथलेस प्रणाली अपनाने वाला राजस्थान का पहला और देश का तीसरा टोल प्लाजा बन गया है। इससे पहले गुजरात के चौरसिया और दिल्ली के मूंदका टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। मनोहरपुर टोल प्लाजा को भी बूथलेस प्रणाली में बदलने की तैयारी की जा रही है।

फास्टैग नहीं तो कैमरा करेगा पहचान

एनएचएआई सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुज शर्मा ने बताया कि दौलतपुरा टोल प्लाजा पर लागू हुई बूथलेस टोल प्रणाली में फास्टैग नहीं होने या फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने पर वाहन चालकों की पहचान एआई आधारित कैमरों से की जाएगी। कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर जानकारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को भेजेंगे। इसके बाद एनआईसी संबंधित विभाग को सूचना प्रेषित करेगा। विभागीय प्रक्रिया के अनुसार वाहन चालक पर लगने वाले जुर्माने एवं अन्य कार्रवाई का निर्धारण किया जाएगा।

40 कैमरों की निगरानी में गुजरेंगे वाहन

दौलतपुरा प्लाजा पर मल्टीलेन फ्री फ्लो प्रणाली के संचालन के लिए दो गैंट्री स्थापित की हैं। इन पर कुल 40 अत्याधुनिक कैमरे लगाए हैं। इनमें से 8 कैमरे छह लेन की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, जबकि शेष 32 कैमरे प्रत्येक लेन से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी करेंगे। इनकी मदद से वाहनों की नंबर प्लेट, श्रेणी और टोल भुगतान संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे बिना रुके टोल वसूली के साथ-साथ नियमों के पालन की भी प्रभावी निगरानी हो सकेगी।