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Jaipur UGC Protest: ‘देवराज के 2 छोटे बच्चे हैं, पिता की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं’, कहते ही रो पड़ा भाई

राजधानी जयपुर में यूजीसी नियमों के विरोध में करणी सेना के प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत पर विवाद गहरा गया है। परिवार ने वाटर कैनन को जिम्मेदार ठहराया, जबकि पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक की बात कही है। देवराज के बड़े भाई ने दो छोटे बच्चों और बीमार पिता का जिक्र करते हुए भावुक होकर न्याय की मांग की।
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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 05, 2026

jaipur devraj singh death case

मृतक देवराज सिंह और उसका भाई किशन सिंह (पत्रिका फोटो)

jaipur devraj singh death case: जयपुर में 3 अगस्त को यूजीसी के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में निकली श्री राजपूत करणी सेना की ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ के दौरान 33 वर्षीय कार्यकर्ता देवराज सिंह पलाड़ा की मौत से विवाद गहरा गया है। डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव के निवासी देवराज की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 19 दिन पहले ही जयपुर के निवारू रोड स्थित जगन्नाथपुरी में नए घर में शिफ्ट हुए परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जब नए मकान में देवराज का शव पहुंचा तो परिजन बेसुध हो गए।

'देवराज के दो छोटे बच्चे हैं…' भाई का भावुक बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान देवराज के छोटे भाई किशन सिंह अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, देवराज के दो छोटे बच्चे हैं, देवराज हर बात मुझे बताता था। प्रदर्शन में जाने से पहले उसने कहा था कि घर का जो भी काम और जिम्मेदारी हो, उसे देख लेना।

भाई ने कहा, 2 अगस्त की रात को खाना खाते समय उसने मुझसे कहा था कि करणी सेना के प्रदर्शन में युवाओं के हित में जाऊंगा, लेकिन वापस उसकी लाश आई। प्रदर्शन के बाद जब भाई घर आया तो उसकी हालत ठीक नहीं थी। हम उसे संभालने में लगे हुए थे और तुरंत अस्पताल लेकर गए। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर वहां से उसे एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

ऐसी है देवराज के परिवार की स्थिति

देवराज के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। उनके परिवार में 5 साल का बेटा और 4 साल की बेटी है। घटना के बाद से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बुजुर्ग पिता रामेश्वर सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मृतक के चाचा अजित सिंह ने बताया, देवराज और किशन दोनों भाई पिछले कुछ वर्षों से जयपुर में रहकर निजी कंपनियों में नौकरी कर रहे थे और पूरे परिवार का सहारा थे। युवाओं के भविष्य की चिंता में प्रदर्शन में शामिल हुए देवराज की मौत से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।

करणी सेना का आरोप

श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना का दावा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। लेकिन पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। हाई-प्रेशर वाटर कैनन की सीधी बौछार देवराज के सीने पर लगी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी।

वहीं, डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण और पुलिस प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट तक की अनुमति थी। आगे बढ़ने पर सीमित बल प्रयोग किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देवराज की मौत लाठीचार्ज या वाटर कैनन से नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने और हार्टअटैक की वजह से हुई है।

क्या हैं करणी सेना की मांगें

राजपूत सभा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि देवराज रावणा राजपूत (ओबीसी) समाज से थे और समाज व देश की फिक्र में इस आंदोलन से जुड़े थे। करणी सेना ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घटना की न्यायिक जांच व दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा, पूरे राज्य में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आगामी पंचायत व निकाय चुनावों में सरकार का विरोध किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले और मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।