उधर, जयपुर पुलिस ने करणी सेना के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली को कलेक्ट्रेट तक की अनुमति थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमित बल प्रयोग किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देवराज सिंह की मौत लाठीचार्ज या वाटर कैनन से नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद हुई। मामले की जांच जारी है।