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‘एमपी में छात्रसंघ चुनाव, तो राजस्थान में क्यों नहीं?’ ICU में एडमिट शुभम रेवाड़ का भजनलाल सरकार से सवाल, 13वें दिन भी अनशन जारी

Rajasthan Student Protest: राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर अनशन पर बैठे शुभम रेवाड़ ने ICU से भजनलाल सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं, तो राजस्थान में क्यों नहीं।
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Shubham Rewar

शुभम रेवाड़ का भजनलाल सरकार से सवाल

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ की तरफ बढ़ रहा है। यह आंदोलन छात्र नेता शुभम रेवाड़ की अगुवाई में चल रहा है। ICU में एडमिट शुभम रेवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मध्यप्रदेश में आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं, तो राजस्थान में क्यों नहीं? उन्होंने अपने इस सवाल पर मुख्यमंत्री भजनलाल और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से जवाब मांगा है।

ICU में एडमिट हैं शुभम रेवाड़

बता दें, 30 जुलाई को पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शुभम रेवाड़ को अनशन स्थल से जबरदस्ती उठाकर सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया था। हालांकि इसका मौके पर मौजूद छात्रों ने काफी विरोध किया था, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह कदम शुभम की बिगड़ती हुई तबीयत को देखते हुए उठाया गया था। अभी शुभम रेवाड़ की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से कुछ नहीं खाने की वजह से उनके शरीर में कीटोन्स का लेवल काफी बढ़ गया है, जो चिंता की बात है। शुरुआती मेडिकल जांच में यह भी सामने आया है कि उनके कुछ अंदरूनी अंगों पर इसका असर पड़ने लगा है।

सोमवार को मेडिकल टीम ने वॉर्निंग देते हुए कहा कि अगर जल्द ही अनशन खत्म नहीं हुआ, तो उनकी किडनी समेत दूसरे अंगों के काम करना बंद करने का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से मेडिकल टीम ने प्रशासन और राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने और शुभम रेवाड़ का अनशन समाप्त कराने की अपील की है।

MP में आठ साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव

मध्य प्रदेश में करीब आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव फिर से कराए जाएंगे। 3 अगस्त को जबलपुर हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान सरकार को चुनाव कराने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सितंबर 2026 में प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव होंगे। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर में भी सितंबर में चुनाव कराने का प्रावधान जोड़ दिया गया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 2017 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे, जिसे लेकर छात्र संगठन लंबे समय से चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे थे।