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Panchna Dam: पांचना बांध विवाद में सचिन पायलट की एंट्री, कहा- पानी सबकी जरूरत, भजनलाल सरकार को याद दिलाई जिम्मेदारी

Panchna Dam Controversy: पांचना बांध विवाद को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार से सभी पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालने की अपील की है।

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सचिन पायलट। फाइल फोटो- पत्रिका

Sawaimadhopur Panchna Water Dispute: जयपुर। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने पांचना बांध विवाद को लेकर कहा कि पिछले कई दिनों से ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी पक्षों की बात सुनकर न्यायपूर्ण निर्णय करे। उन्होंने कहा कि पानी सभी की जरूरत है और इस मुद्दे का समाधान नियमों व कानून के अनुसार होना चाहिए। पायलट ने कहा कि देश की न्यायपालिका पर सभी को भरोसा है, इसलिए हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान और उसकी पालना होनी चाहिए। सरकार को मौके पर टीम भेजकर सभी पक्षों से बातचीत करनी चाहिए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

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'किसानों को सिंचाई के लिए पानी चाहिए'

उन्होंने कहा कि कोई भी नहीं चाहता कि क्षेत्र में तनाव बढ़े या माहौल खराब हो। कुछ लोग तनाव का वातावरण बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन प्रदेश के लोग भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहते हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी चाहिए और इस दिशा में राजस्थान सरकार को पहल करते हुए समाधान निकालना होगा। आपको बता दें कि पांचना बांध का निर्माण वर्ष 1977 से 2004 के बीच करौली जिले में किया गया था। गांव के कमांड क्षेत्र के अंतर्गत सवाई माधोपुर और नवगठित गंगापुर सिटी जिले के कुल 35 गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों का आरोप है कि वर्ष 2006 के बाद उन्हें पानी नहीं मिला।

उचित मुआवजे की मांग

वहीं दूसरी तरफ बांध के आस-पास के करौली जिले के 39 गांवों के किसानों का कहना है कि बांध निर्माण के समय इन ग्रामीणों की पुश्तैनी खेती की जमीनें और मकान पानी में डूब गए थे। उनका कहा था कि जमीनों का उचित मुआवजा, स्थानीय युवाओं को रोजगार और सिंचाई के लिए स्वीकृत गुड़ला-पांचना लिफ्ट परियोजना का पूरा पानी उन्हें नहीं मिल जाता, तब तक वे बांध के फाटकों को छूने भी नहीं देंगे। ऐसे में तनाव का आलम यह है कि पिछले 20 सालों में इस बांध से नहरों के जरिए खेतों के लिए नियमित पानी कभी नहीं छोड़ा गया।

'राजनीति नहीं करें, संवाद से निकालेंगे समाधान'

गौरतलब है कि पांचना बांध के पानी विवाद को लेकर गृह राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी जवाहर सिंह बेदम ने कहा था कि सरकार इस मुद्दे का समाधान जल्द ही संवाद के जरिए निकालेगी। पांचना बांध से जुड़े सभी पक्ष किसान हैं और सरकार प्रत्येक पक्ष की भावनाओं एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित निर्णय लेगी। उन्होंने मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करना ठीक नहीं।

केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता के दौरान मीडिया के सवाल को लेकर बेहम ने कहा था कि पांचना बांध को लेकर वर्तमान में तीन प्रमुख पक्ष है। पहला पक्ष गंभीर नदी के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखने की मांग कर रहा है। दूसरा पक्ष बांध के आसपास बसे गांवों के किसान तथा तीसरा पक्ष कमांड एरिया के किसान है। तीनों पक्ष किसान हैं। ऐसे में सरकार पंच-पटेलों एवं संबंधित प्रतिनिधियों सहित सभी पक्षों से संवाद स्थापित कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। किसानों को सिंचाई का पानी मिलना चाहिए और सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है।