कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बताया कि सरकार ने कोचिंग संस्थानों को स्थानांतरित करने के लिए विशेष बहुमंजिला भवन बनवाए हैं। इसके बावजूद कई कोचिंग संस्थान अब भी कमर्शियल इलाकों में चल रहे हैं। इतना ही नहीं, जिन भवनों का उपयोग कोचिंग शिफ्टिंग के लिए होना था, उनका आवंटन दूसरी संस्थाओं को किया जा रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। लेकिन साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसे आवंटन मान्य नहीं होंगे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी अंतिम फैसला आएगा, वही मान्य होगा। तब तक किसी को भी इन भवनों पर स्थायी हक नहीं मिलेगा।