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Rajasthan: सुप्रीम कोर्ट से बंद पड़ी खदान का सौदा कर 51 लाख की ठगी, जयपुर में बाप-बेटा और बेटी गिरफ्तार

बंद पड़ी माइनिंग लीज को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सक्रिय बताकर दो लोगों से 51 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में पुलिस ने पिता, बेटे और बेटी को चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर करोड़ों की डील की थी।
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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 06, 2026

Deal for closed mine from Supreme Court

गिरफ्तार बाप-बेटा और बेटी (पत्रिका फोटो)

जयपुर: राजधानी जयपुर में सांगानेर और प्रतापनगर थाना पुलिस ने माइनिंग लीज के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर परिवार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से वर्ष 2017 में बंद हो चुकी माइनिंग खान को वैध बताकर दो अलग-अलग लोगों को बेचने और 51 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में पिता, बेटे और बेटी को चित्तौड़गढ़ जिले से गिरफ्तार किया है।

डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रामचंद्र बसेर (71), राजेंद्र कुमार (44) और चंदी कुमारी भंडारी (58) बड़ी सादड़ी चित्तौड़गढ़ के रहने वाले हैं। वर्ष 2017 में चित्तौड़गढ़ के सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य के इको-सेंसिटिव जोन में आने वाली माइनिंग खानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दिया गया था। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2017 को इसकी अधिसूचना जारी की थी। संबंधित माइनिंग लीज आरोपी चंदा कुमारी के नाम पर थी, जो उसी समय निरस्त हो चुकी थी।

चित्तौड़गढ़ में दबिश देकर तीनों को दबोचा

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी (सांगानेर) हरिशंकर शर्मा के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी क्षेत्र के बांसी गांव में दबिश देकर आरोपी रामचंद्र, राजेंद्र कुमार और चंदा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामचंद्र को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। वहीं, राजेंद्र कुमार और चंदा कुमारी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ठगी गई 51 लाख रुपए की राशि और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

निरस्त लीज छिपाकर दो लोगों से की करोड़ों की डील

प्रतापनगर थाने में दर्ज प्रकरण के अनुसार आरोपी रामचंद्र, उसके बेटे राजेंद्र कुमार और बेटी चंदा कुमारी भंडारी ने आपसी षड्यंत्र रचकर निरस्त माइनिंग लीज को सक्रिय बताकर पहले 14 नवंबर 2024 को हनुमान सिंह को बेच दिया। इसके बाद पहली बिक्री और लीज निरस्त होने की जानकारी छिपाते हुए 7 मई 2025 को जयपुर निवासी मुकेश अग्रवाल से उसी खान का एग्रीमेंट कर 51 लाख रुपए ले लिए।