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15 साल में जमा किए 786 नंबर के 853 नोट, अब उसी रकम से पत्नी संग हज यात्रा पर जाएंगे राजस्थान के आसिफ खान

Haj Yatra From 786 Number Notes: राजस्थान के मोहम्मद आसिफ खान ने 15 वर्षों तक 786 नंबर वाले 853 नोट सहेजकर 3.72 लाख रुपए से अधिक की रकम जुटाई। अब वे अपनी पत्नी नाजनीन खान के साथ इसी राशि से हज यात्रा पर जाएंगे।
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जयपुर

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Akshita Deora

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हर्षित जैन

Aug 06, 2026

786 Number Notes

786 अंक के नोट और इनसेट में मोहम्मद आसिफ खान का फोटो: पत्रिका

आम इंसान के लिए नोट महज लेन-देन का जरिया होते हैं लेकिन राजस्थान के जयपुर जिले के बाबू का टीबा निवासी मोहम्मद आसिफ खान के लिए यही नोट 15 साल की आस्था, सब्र और अल्लाह पर अटूट विश्वास की दास्तान बन गए। वर्ष 2011 में शुरू हुआ उनका एक छोटा-सा संकल्प अब अमली जामा पहन चुका है। उन्होंने 786 नंबर वाले नोटों को सहेजकर अपनी हज यात्रा के लिए 3.72 लाख रुपए से अधिक की रकम जमा की है। अब वे अपनी पत्नी नाजनीन खान के साथ इन्हीं विशेष नोटों के जरिए हज यात्रा पर रवाना होंगे। आसिफ खान का कहना है कि हर बार जब उन्हें 786 नंबर वाला कोई नोट मिलता था, तो वे उसे खर्च करने के बजाय अलग सुरक्षित रख देते थे।

नोटों की कीमत 3.72 लाख

हाजी मोहम्मद आसिफ खान ने पिछले 15 वर्ष में '786' नंबर वाले कुल 853 नोट एकत्र किए, जिनकी कुल कीमत 3,72,845 रुपए है। इसमें 500 रुपए के 716 नोट, 200 रुपए के 30, 100 रुपए के 84, 50 रुपए के 5, 20 रुपए के 3, 10 रुपए के 12 और 5 रुपए के 3 नोट शामिल हैं। वर्षों के सब्र और मेहनत से जुटाए गए इन नोटों को उन्होंने हज यात्रा के लिए महफूज़ रखा। उनके परिवार के सदस्य भी इस संकल्प में उनका साथ देते रहे और जब भी 786 नंबर का नोट मिलता, उसे संग्रह में शामिल कर दिया जाता था।

इस्लाम में 786 अंक का विशेष महत्व

राजस्थान स्टेट हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाजी शाहिद मोहम्मद ने बताया कि मुस्लिम समाज में 786 के अंक को विशेष धार्मिक महत्व के साथ देखा जाता है। इसी आस्था से प्रेरित होकर आसिफ खान ने इस संग्रह की शुरुआत की थी। उनके मुताबिक यह सिर्फ कागजी नोटों का संग्रह नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और सब्र का जिंदा सबूत है। आसिफ खान का कहना है कि 'हज' हर मुसलमान की जिंदगी की सबसे बड़ी इच्छा होती है। इस मुकद्दस सफर को खास बनाने के लिए उन्होंने बरसों से '786' के नोटों को सहेज कर रखा। धीरे-धीरे यह रकम इतनी हो गई कि हज का पूरा खर्च इसी से पूरा हो जाएगा। इस अनूठी पहल की खबर फैलते ही राजस्थान हज ट्रेनर्स रिलीफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और समाजजन ने इस जोड़े को हज यात्रा के लिए मुबारकबाद दी है।