राजस्थान की आर्थिक तस्वीर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। सचिवालय में हुई हालिया समीक्षा बैठक के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि राजस्थान अब आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल राजस्व अर्जन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.10 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ा हुआ राजस्व प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
राजस्व वृद्धि के मामले में सबसे शानदार प्रदर्शन 'पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग' (Registration & Stamps) का रहा है।
भजनलाल सरकार ने अवैध खनन पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने के साथ-साथ वैध खनन ब्लॉक्स की नियमित नीलामी पर जोर दिया है।
सड़कों पर नियमों की पालना और तकनीक के इस्तेमाल से परिवहन विभाग ने भी अपनी कमाई बढ़ाई है।
जयपुर में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल बढ़े हुए आंकड़ों पर संतोष नहीं जताया, बल्कि भविष्य के लिए 'रोडमैप' भी तैयार किया। उन्होंने अधिकारियों को एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो हर महीने विभागवार प्रगति का आकलन करेगी। सीएम का विजन साफ है— "कर व्यवस्था ऐसी हो जो पारदर्शी और सरल हो, ताकि आम नागरिक को परेशानी न हो और सरकार को उसका हक मिले।"