जयपुर

Rajasthan: RGHS लाभार्थियों को बड़ा तोहफा, अब 30 लाख तक के महंगे उपचार की मिलेगी सुविधा

RGHS योनजा में सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए गंभीर मरीजों को बड़ी राहत ती है। राजस्थान सरकार ने गंभीर रक्त कैंसर के इलाज के लिए CAR-T Cell Therapy को RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल कर दिया है। पात्र सरकारी कर्मचारियों, उनके आश्रितों और पेंशनर्स को अब इस अत्याधुनिक उपचार के लिए 30 लाख रुपए तक का पैकेज मिल सकेगा।
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Aug 19, 2026
Rajasthan When RGHS begin new changes Bharatpur Government employees pensioners worried
आरजीएचएस योजना। फाइल फोटो पत्रिका

जयपुर। प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने से पहले भजनलाल सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने कैंसर के अत्याधुनिक उपचार CAR-T Cell Therapy को RGHS के अनुमत पैकेज में शामिल कर लिया है। इस फैसले से गंभीर रक्त कैंसर से जूझ रहे पात्र सरकारी कर्मचारियों, उनके आश्रित परिवारजनों और पेंशनर्स को महंगे उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

सरकार ने CAR-T Cell Therapy के लिए अधिकतम 30 लाख रुपए का पैकेज स्वीकृत किया है। इसमें CAR-T सेल के निर्माण पर 26 लाख रुपए तक और सपोर्टिव केयर तथा उपचार के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए 4 लाख रुपए तक की राशि शामिल होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए इस निर्णय की जानकारी साझा की।

विशेषज्ञ तय करेंगे मरीज की पात्रता

कार-टी सेल थेरेपी हर मरीज के लिए स्वत: उपलब्ध नहीं होगी। उपचार की पात्रता मरीज की बीमारी, पहले किए जा चुके उपचार और मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक या विशेषज्ञ समिति की सिफारिश जरूरी होगी। उपचार शुरू करने से पहले पूर्व-अनुमोदन लेना भी अनिवार्य रहेगा।

सरकार के अनुसार यह उपचार केवल अधिकृत चिकित्सा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। इन केंद्रों पर उपचार के दौरान मरीज की स्थिति को देखते हुए ICU बैकअप की सुविधा भी जरूरी होगी। इससे गंभीर स्थिति में मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया भी ऑनलाइन

सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं की मेडिकल बोर्ड स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी। अब मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति के लिए मरीजों को जयपुर आने की जरूरत नहीं होगी।

अधिकृत अस्पताल अपने पोर्टल के माध्यम से मरीज का प्रकरण मेडिकल बोर्ड को भेज सकेंगे। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे इलाज की मंजूरी मिलने में लगने वाला समय कम होने और मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्राथमिकता

RGHS के तहत कैंसर उपचार के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य उपचार मानकों को प्राथमिकता देने की बात कही है। उपचार संबंधी निर्णयों में NICE और UK की गाइडलाइन को भी ध्यान में रखा जाएगा। CAR-T Cell Therapy को RGHS में शामिल किए जाने से गंभीर रक्त कैंसर से पीड़ित पात्र मरीजों को अत्याधुनिक उपचार का लाभ मिल सकेगा और महंगे इलाज का आर्थिक बोझ भी कम होगा।

Updated on:
19 Aug 2026 09:50 pm
Published on:
19 Aug 2026 09:50 pm